नई दिल्ली। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने रविवार को आरोप लगाया कि गुजरात में भारतीय जनता पार्टी की सरकार के दौरान दलित और आदिवासी समुदायों के खिलाफ नफरत, भेदभाव और अत्याचार की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। उन्होंने 2016 के ऊना कांड के पीड़ितों के प्रति एकजुटता जताते हुए कहा कि जब तक उन्हें न्याय नहीं मिल जाता, वह उनकी आवाज उठाते रहेंगे।
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा करते हुए यह बातें कहीं। यह वीडियो गुजरात के दलित और आदिवासी समुदाय के प्रतिनिधिमंडल के साथ उनकी हालिया मुलाकात का है, जिसमें ऊना कांड से प्रभावित लोग भी शामिल थे। इस घटना में खुद को गौ-रक्षक बताने वाले लोगों ने चार दलित युवकों की बेरहमी से पिटाई की थी।
राहुल गांधी ने कहा कि यह मुलाकात बेहद पीड़ादायक थी और इसने उन्हें गहराई से सोचने पर मजबूर किया। उन्होंने बताया कि 11 जुलाई 2016 को गिर-सोमनाथ जिले के ऊना के पास मोटा समधियाला गांव में यह घटना हुई थी, जब चार दलित युवक अपने पारंपरिक काम के तहत मृत गाय की खाल उतार रहे थे। इसी दौरान उन पर हमला किया गया।
उन्होंने कहा कि लगभग 10 साल पहले हुई इस घटना ने पूरे देश को झकझोर दिया था, लेकिन आज भी पीड़ितों को न्याय नहीं मिल सका है। उनके जख्म अभी भी ताजा हैं और हालात में सुधार के बजाय और बिगड़ते नजर आ रहे हैं।
राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि प्रतिनिधिमंडल से बातचीत के दौरान सामने आया कि कई मामलों में अत्यधिक हिंसा हुई है। एक व्यक्ति के शरीर में 19 जगह हड्डियां तोड़ दी गईं, जबकि एक अन्य के भाई को जिंदा जला दिया गया। उन्होंने कहा कि ये घटनाएं अलग-थलग नहीं हैं, बल्कि एक भय और अन्याय से भरे माहौल को दर्शाती हैं।
उन्होंने कहा कि जो लोग अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाते हैं, उन्हें धमकियों, हिंसा और यहां तक कि हत्या के जरिए दबाने की कोशिश की जाती है। राहुल गांधी ने कहा कि गुजरात में दलितों और आदिवासियों के खिलाफ अत्याचार बढ़ना बेहद चिंता का विषय है।
कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष ने कहा कि ऊना कांड के पीड़ित आज भी न्याय की प्रतीक्षा कर रहे हैं और यह लंबा इंतजार अपने आप में एक बड़ा अन्याय है। उन्होंने कहा कि यह केवल कुछ घटनाओं का मामला नहीं है, बल्कि यह एक ऐसे तंत्र की विफलता को दर्शाता है, जिसमें कमजोर वर्गों की आवाज दबा दी जाती है।
राहुल गांधी ने कहा, “मैं पहले भी इन परिवारों के साथ खड़ा था, आज भी उनके साथ खड़ा हूं और जब तक उन्हें न्याय नहीं मिल जाता, उनकी आवाज उठाता रहूंगा।” उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का मॉडल अन्यायपूर्ण है और इसे पूरे देश पर थोपने की कोशिश की जा रही है।
राहुल गांधी ने अपने पोस्ट में कहा कि ऊना की पुकार आज भी न्याय के दरवाजे पर दस्तक दे रही है और पीड़ित पिछले 10 वर्षों से न्याय के लिए भटक रहे हैं।
