सिलचर (असम), 6 अप्रैल (UNS)। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने सोमवार को भारतीय जनता पार्टी, विशेष रूप से केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर तीखा हमला करते हुए आरोप लगाया कि 10 साल से अधिक समय तक सत्ता में रहने के बावजूद भाजपा घुसपैठ के मुद्दे को केवल उठाती है, लेकिन अवैध प्रवासियों को बड़ी संख्या में वापस भेजने में विफल रही है।
कछार जिले के बोरखोला में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ने चुनाव जीतने के प्रयास में असम में परिसीमन प्रक्रिया का दुरुपयोग किया है। उन्होंने कहा, “जब अमित शाह यहां आते हैं, तो वे सिर्फ बांग्लादेशी घुसपैठियों की बात करते हैं। लेकिन भाजपा इन घुसपैठियों को बाहर नहीं निकालती, बल्कि उन्हें पालती-पोसती है। वह सिर्फ इनके नाम पर राजनीति करती है।”
कांग्रेस नेता ने कहा कि भाजपा पिछले 10 वर्षों से केंद्र और असम दोनों जगह सत्ता में है, लेकिन वह घुसपैठियों को देश से बाहर नहीं निकाल सकी। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस के नेतृत्व वाली संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार के दौरान वर्ष 2005 से 2013 के बीच 88,792 अवैध प्रवासियों को देश से निर्वासित किया गया था।
खरगे ने आरोप लगाया, “लेकिन नरेन्द्र मोदी के शासनकाल में वर्ष 2014 से 2019 के बीच केवल 2,566 लोगों को ही देश से निकाला गया। भाजपा, नरेन्द्र मोदी और अमित शाह सिर्फ चुनावी वादे करते हैं; वे वास्तविकता में कुछ नहीं करते।”
राज्यसभा में विपक्ष के नेता खरगे ने असम में चुनाव जीतने के प्रयास के तहत परिसीमन प्रक्रिया के कथित दुरुपयोग के लिए भी भाजपा की आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि परिसीमन के दौरान मुसलमानों को उन क्षेत्रों से हटाया गया, जहां वे बहुसंख्यक थे, जबकि अन्य लोगों को शामिल किया गया।
उन्होंने यह भी दावा किया कि जिन क्षेत्रों में दलित और आदिवासी समुदाय की संख्या अधिक थी, वहां अन्य वर्गों के लोगों को शामिल किया गया।
कांग्रेस अध्यक्ष ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर आरोप लगाते हुए कहा कि असम में हजारों एकड़ जमीन एक कॉर्पोरेट घराने को ग्रीनफील्ड परियोजनाओं के नाम पर सौंप दी गई है। उन्होंने कहा, “भाजपा सरकार आपकी जमीन, जंगल, पानी, खदान और ऊर्जा संसाधन बेच रही है। इसलिए देश को बचाने के लिए भाजपा को सत्ता से हटाना जरूरी है।”
