यरूशलम, पांच अप्रैल (UNS): पश्चिम एशिया में जारी युद्ध के बीच भारत की राष्ट्रीय विमानन कंपनी एअर इंडिया ने इजराइल के लिए अपनी उड़ानें 31 मई तक निलंबित कर दी हैं।
एअर इंडिया के एक अधिकारी ने ‘पीटीआई-भाषा’ को पुष्टि की कि कंपनी ने नई दिल्ली-तेल अवीव मार्ग पर 31 मई तक उड़ान सेवाएं अस्थायी रूप से रोक दी हैं।
तेल अवीव मार्ग पर अधिकांश प्रमुख अंतरराष्ट्रीय विमानन कंपनियों ने भी अपनी सेवाएं निलंबित कर दी हैं। फिलहाल केवल इजराइली विमानन कंपनियां जैसे एल अल, इस्रायर, अर्किया और एअर हैफा कड़ी पाबंदियों के बीच सीमित परिचालन कर रही हैं।
उड़ानों का निलंबित होना इजराइल में रह रहे 40,000 से अधिक भारतीयों के लिए चिंता का विषय बन गया है, जो निजी या पेशेगत कारणों से या क्षेत्र में बढ़ते तनाव के चलते वहां से बाहर निकलना चाहते हैं।
इजराइल छोड़ने के इच्छुक भारतीयों को फिलहाल जमीनी सीमा के जरिए जॉर्डन या मिस्र होकर यात्रा करनी पड़ रही है। तेल अवीव स्थित भारतीय मिशन विभिन्न माध्यमों से यात्रा करने के इच्छुक लोगों की सहायता कर रहा है।
दूतावास ने समुदाय के साथ नियमित संपर्क बनाए रखा है और चौबीसों घंटे सेवा देने वाली आपातकालीन हेल्पलाइन शुरू की है। साथ ही बड़े पैमाने पर पंजीकरण अभियान भी चलाया जा रहा है।
मिशन ने अपने सोशल मीडिया माध्यम से बताया कि भारत के राजदूत जे. पी. सिंह और दूतावास की टीम ने शनिवार को इजराइल में रह रहे भारतीय कामगारों और छात्रों के साथ डिजिटल माध्यम से बातचीत की, उनकी चिंताएं सुनीं और मौजूदा संकट के दौरान तथा उसके बाद भी निरंतर सहयोग का भरोसा दिलाया।
नई दिल्ली और तेल अवीव के बीच सीधी उड़ान सेवा एक जनवरी को सप्ताह में चार उड़ानों के साथ पुनः शुरू की गई थी, जिसमें उन्नत बोइंग 787 ड्रीमलाइनर विमान का उपयोग किया जा रहा था।
हालांकि, 28 फरवरी को अमेरिका और इजराइल द्वारा ईरान पर संयुक्त हमले किए जाने के बाद से उड़ानें बाधित हैं। ईरान की जवाबी कार्रवाई के बाद यह संघर्ष पूरे खाड़ी क्षेत्र में फैल गया है, जिसका विशेष रूप से होर्मुज जलडमरूमध्य में ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखलाओं पर व्यापक प्रभाव पड़ा है।
