लखनऊ, 11 फरवरी 2026। नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री श्री ए.के. शर्मा ने उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा प्रस्तुत वित्तीय वर्ष 2026–27 के बजट को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि यह बजट “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास” के संकल्प को आगे बढ़ाने वाला है। उन्होंने कहा कि इस बजट में किसान, महिला, युवा, श्रमिक और समाज के प्रत्येक वर्ग के हितों का विशेष ध्यान रखा गया है।
कुल 9,12,696.35 करोड़ रुपये का यह बजट पिछले वर्ष की तुलना में 12.09 प्रतिशत अधिक है, जो प्रदेश सरकार की विकास के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है। यह बजट उत्तर प्रदेश को देश की अग्रणी अर्थव्यवस्था बनाने की दिशा में एक सशक्त कदम है।
ऊर्जा क्षेत्र में ऐतिहासिक निवेश
ऊर्जा क्षेत्र की योजनाओं के लिए 65,926 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित की गई है। मंत्री ने कहा कि इससे प्रदेश में निर्बाध और गुणवत्तापूर्ण विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित होगी। वर्ष 2025–26 में दिसंबर 2025 तक ग्रामीण क्षेत्रों में औसतन 19 घंटे, तहसील मुख्यालयों में 21 घंटे 49 मिनट तथा जनपद मुख्यालयों में 24 घंटे बिजली आपूर्ति उपलब्ध कराई गई है।
1 अप्रैल 2022 से दिसंबर 2025 तक 2,41,088 निजी नलकूप संयोजन जारी किए गए हैं, जबकि वर्ष 2017–18 से अब तक सामान्य योजना के अंतर्गत 1,66,135 संयोजन दिए जा चुके हैं।
प्रदेश में 2,410 नए 33/11 केवी विद्युत उपकेंद्रों का निर्माण एवं क्षमता वृद्धि की गई है। साथ ही 20,924 नए वितरण ट्रांसफॉर्मर स्थापित किए गए तथा 85,684 ट्रांसफॉर्मरों की क्षमता वृद्धि की गई है, जिससे ओवरलोडिंग की समस्या में कमी आई है।
हरित ऊर्जा के क्षेत्र में 2,104 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। पीएम कुसुम सूर्यघर योजना के लिए 1,500 करोड़ रुपये प्रस्तावित हैं। अयोध्या एवं मथुरा सहित 17 नगर निगमों को सोलर सिटी के रूप में विकसित किया जा रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में लगभग 5.20 लाख सोलर स्ट्रीट लाइटें स्थापित की जा चुकी हैं। राज्य जैव ऊर्जा नीति-2022 के अंतर्गत 36 सीबीजी संयंत्र स्थापित किए जा चुके हैं, जो देश में सर्वाधिक हैं।
आवास एवं शहरी नियोजन को नई गति
आवास एवं शहरी नियोजन के लिए 7,705 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। मुख्यमंत्री शहरी विस्तारीकरण/नए शहर प्रोत्साहन योजना हेतु 3,500 करोड़ रुपये प्रस्तावित हैं।
काशी-विंध्य क्षेत्रीय विकास प्राधिकरण तथा प्रयागराज-चित्रकूट क्षेत्रीय विकास प्राधिकरण के गठन की पहल संतुलित क्षेत्रीय विकास को बढ़ावा देगी। रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम के अंतर्गत दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ नमो भारत ट्रेन का संचालन प्रदेश की कनेक्टिविटी को नई ऊंचाई दे रहा है।
लखनऊ विकास क्षेत्र एवं अन्य विकास प्राधिकरणों के लिए 800 करोड़ रुपये तथा मेरठ, मथुरा-वृंदावन और कानपुर विकास प्राधिकरण के लिए 750 करोड़ रुपये की नई योजना प्रस्तावित है। सिटी इकोनॉमिक रीजन के लिए 100 करोड़ रुपये और अयोध्या के सर्वांगीण विकास हेतु 100 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। लखनऊ में राष्ट्र प्रेरणा स्थल के निर्माण एवं अनुरक्षण के लिए 50 करोड़ रुपये के कॉर्पस फंड की व्यवस्था की गई है।
नगर विकास में व्यापक प्रावधान
नगर विकास के लिए लगभग 26,514 करोड़ रुपये का प्रावधान प्रस्तावित है। वर्ष 2017 के बाद 113 नए नगरीय निकाय गठित किए गए और 127 निकायों का सीमा विस्तार किया गया है।
स्वच्छ भारत मिशन (नगरीय) 1.0 के अंतर्गत 189 नगरीय निकायों में 1,100 ब्लॉकों में पब्लिक, कम्युनिटी एवं पिंक टॉयलेट का निर्माण किया गया है।
स्मार्ट सिटी मिशन के अंतर्गत लखनऊ, कानपुर, प्रयागराज, वाराणसी, आगरा, अलीगढ़, बरेली, झांसी, सहारनपुर और मुरादाबाद को शामिल किया गया है। इसके अतिरिक्त अयोध्या, फिरोजाबाद, गोरखपुर, गाजियाबाद, मथुरा-वृंदावन, मेरठ एवं शाहजहांपुर को राज्य स्मार्ट सिटी के रूप में विकसित करने की पहल की गई है।
मंत्री श्री ए.के. शर्मा ने कहा कि यह बजट ऊर्जा, आवास, शहरी विकास और हरित ऊर्जा के क्षेत्र में नए मानक स्थापित करेगा। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह बजट उत्तर प्रदेश को आत्मनिर्भर, आधुनिक और समृद्ध राज्य बनाने में मील का पत्थर सिद्ध होगा।
