यूपी बेड एंड ब्रेकफास्ट एवं होम स्टे नीति-2025 की एसओपी में बड़ा संशोधन, अब 8 कमरों तक मिलेगा पंजीकरण

पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह बोले- हितधारकों की सुविधा और पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए किए गए बदलाव, ऑटो-रिन्यूअल की भी नई व्यवस्था लागू

 लखनऊ, 14 जुलाई 2026-उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य में पर्यटन को बढ़ावा देने और होम स्टे व बेड एंड ब्रेकफास्ट (बी एंड बी) प्रतिष्ठानों के संचालन को अधिक सरल एवं सुविधाजनक बनाने के उद्देश्य से यूपी बेड एंड ब्रेकफास्ट एवं होम स्टे नीति-2025 की मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) में महत्वपूर्ण संशोधन किए हैं। संशोधित प्रावधानों के तहत अब हितधारकों को अधिक कमरे पंजीकृत कराने की सुविधा के साथ-साथ पंजीकरण प्रमाणपत्र के ऑटो-रिन्यूअल की व्यवस्था भी उपलब्ध कराई गई है।

पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि संशोधन का उद्देश्य नीति को अधिक व्यवहारिक, सरल और लोकप्रिय बनाना है, ताकि प्रदेश में पर्यटन आधारित रोजगार और स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई गति मिल सके।

अब 8 कमरों तक होगा पंजीकरण

संशोधित एसओपी के अनुसार, होम स्टे प्रतिष्ठानों में अब न्यूनतम एक और अधिकतम आठ कमरों का पंजीकरण कराया जा सकेगा। हालांकि, जिन भवनों में नौ या उससे अधिक कमरे होंगे, वे इस नीति के तहत पंजीकरण के पात्र नहीं होंगे।

इसके साथ ही यह भी अनिवार्य किया गया है कि होम स्टे का मालिक अथवा उसका परिवार उसी भवन में निवासरत हो, जिससे पर्यटकों को स्थानीय संस्कृति और पारिवारिक आतिथ्य का अनुभव मिल सके।

बी एंड बी प्रतिष्ठानों को भी राहत

नई व्यवस्था के तहत बेड एंड ब्रेकफास्ट प्रतिष्ठानों में भी न्यूनतम एक और अधिकतम आठ कमरों का पंजीकरण कराया जा सकेगा। इसके अलावा 16 बिस्तरों वाली डॉरमेट्री को भी इस श्रेणी में पात्र इकाई के रूप में मान्यता दी गई है। पहले यह सीमा 12 बिस्तरों तक सीमित थी।

ऑटो-रिन्यूअल की सुविधा

सरकार ने पंजीकरण नवीनीकरण की प्रक्रिया को भी आसान बनाया है। अब होम स्टे, ग्रामीण होम स्टे और बेड एंड ब्रेकफास्ट प्रतिष्ठानों के पंजीकरण प्रमाणपत्र का स्व-नवीनीकरण (ऑटो-रिन्यूअल) उत्तर प्रदेश पर्यटन पोर्टल के माध्यम से स्वयं किया जा सकेगा।

आवेदक पंजीकरण की वैधता समाप्त होने से तीन महीने पहले पोर्टल पर ऑटो-रिन्यूअल की प्रक्रिया पूरी कर सकेंगे।

यदि निर्धारित समय सीमा के भीतर आवेदन नहीं किया जाता है, तो ऐसे मामलों में नवीनीकरण का निर्णय जिला स्तरीय समिति के विवेक पर निर्भर करेगा। इसके लिए आवेदक को विलंब का पर्याप्त एवं उचित कारण प्रस्तुत करना होगा।

क्या बदला नई एसओपी में?

पहले की व्यवस्था संशोधित व्यवस्था
अधिकतम 6 कमरे पंजीकरण अधिकतम 8 कमरे पंजीकरण
12 बिस्तरों की डॉरमेट्री पात्र 16 बिस्तरों की डॉरमेट्री पात्र
नवीनीकरण के लिए ऑनलाइन आवेदन अनिवार्य पोर्टल पर स्वयं ऑटो-रिन्यूअल की सुविधा
समय पर आवेदन न होने पर जिला समिति की अनुमति यह व्यवस्था यथावत, लेकिन ऑटो-रिन्यूअल का विकल्प जोड़ा गया

पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा

पर्यटन विभाग का मानना है कि इन संशोधनों से प्रदेश में होम स्टे और बेड एंड ब्रेकफास्ट इकाइयों की संख्या बढ़ेगी, ग्रामीण पर्यटन को नई मजबूती मिलेगी और स्थानीय लोगों के लिए रोजगार एवं स्वरोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। साथ ही, पंजीकरण और नवीनीकरण की प्रक्रिया सरल होने से अधिक से अधिक हितधारक इस नीति का लाभ उठा सकेंगे।

पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार पर्यटन अवसंरचना को मजबूत करने के साथ-साथ निजी सहभागिता को भी बढ़ावा देने के लिए लगातार नीतिगत सुधार कर रही है। यह संशोधन उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

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