पटना, 13 जुलाई 2026। बिहार की राजधानी पटना की एक सिविल अदालत ने सोमवार को चर्चित शिक्षक Faisal Khan उर्फ खान सर और उनके दो सुरक्षा कर्मियों को कोचिंग संस्थानों के बीच हुए विवाद से जुड़े मामले में अग्रिम जमानत दे दी। अदालत के इस फैसले से खान सर को बड़ी राहत मिली है। हालांकि मामले की पुलिस जांच अभी जारी रहेगी।
यह मामला 2 जून को पटना के मुसल्लहपुर इलाके में स्थित खान ग्लोबल स्टडीज परिसर में हुई कथित तोड़फोड़ और झड़प से जुड़ा है। शिकायत के अनुसार, 15 से 20 लोगों का एक समूह संस्थान पहुंचा, जहां हंगामा, पथराव और तोड़फोड़ की गई। घटना के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी थी।
खान सर की ओर से आरोप लगाया गया था कि हमला एक प्रतिद्वंद्वी कोचिंग संस्थान से जुड़े लोगों ने किया। वहीं दूसरे पक्ष ने इन आरोपों से इनकार करते हुए पूरी घटना को पूर्व नियोजित बताया।
घटना के अगले दिन सामाजिक माध्यमों पर एक वीडियो सामने आया, जिसमें खान ग्लोबल स्टडीज से जुड़े दो सुरक्षा कर्मी कथित रूप से हवाई फायरिंग करते दिखाई दिए। वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने दोनों सुरक्षा कर्मियों को हिरासत में लेकर फायरिंग में इस्तेमाल किए गए हथियार जब्त किए और उन्हें फॉरेंसिक जांच के लिए भेज दिया। इस संबंध में कदमकुआं थाने में प्राथमिकी भी दर्ज की गई थी।
खान सर और उनके सुरक्षा कर्मियों की अग्रिम जमानत याचिका पर दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने फैसला सुरक्षित रख लिया था। निर्धारित तिथि पर सत्र न्यायाधीश के अवकाश पर होने के कारण आदेश जारी नहीं हो सका, जिसके बाद सुनवाई सोमवार तक के लिए स्थगित कर दी गई थी। सोमवार को अदालत ने तीनों को अग्रिम जमानत प्रदान कर दी।
खान सर की ओर से अधिवक्ता अरविंद कुमार मौआर ने अदालत में पक्ष रखा। उन्होंने पहले बताया था कि न्यायाधीश की अनुपस्थिति के कारण आदेश में विलंब हुआ था।
अग्रिम जमानत मिलने के बावजूद पुलिस मामले की जांच जारी रखे हुए है। जांच एजेंसियां वायरल वीडियो, घटनास्थल से मिले साक्ष्यों, जब्त हथियारों की फॉरेंसिक रिपोर्ट तथा अन्य सबूतों के आधार पर यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि विवाद की वास्तविक वजह क्या थी और घटना में किसकी क्या भूमिका रही।
मुसल्लहपुर क्षेत्र प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराने वाले प्रमुख कोचिंग संस्थानों का केंद्र माना जाता है। ऐसे में दो प्रतिष्ठित संस्थानों के बीच हुआ यह विवाद छात्रों और शिक्षा जगत में भी चर्चा का विषय बना हुआ है।
पुलिस का कहना है कि अदालत से अग्रिम जमानत मिलने का अर्थ मामले का पटाक्षेप नहीं है। जांच पूरी होने के बाद उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
