पुणे केतन अग्रवाल हत्याकांड: फास्ट-ट्रैक ट्रायल की तैयारी, एसआईटी जांच और डिजिटल सबूतों से खुल रही साजिश की परतें

मुंबई, 27 जून। पुणे के चर्चित केतन अग्रवाल हत्याकांड ने पूरे महाराष्ट्र को झकझोर दिया है। रियल एस्टेट कारोबारी केतन अग्रवाल की मौत को पहले एक ट्रेकिंग हादसा माना गया था, लेकिन पुलिस जांच में सामने आए तथ्यों के बाद मामला कथित सुनियोजित हत्या में बदल गया। अब पीड़ित परिवार ने मामले की सुनवाई फास्ट-ट्रैक कोर्ट में कराने की मांग की है, जबकि महाराष्ट्र सरकार ने विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने परिवार को शीघ्र न्याय का भरोसा देते हुए मामले में विशेष लोक अभियोजक के रूप में वरिष्ठ अधिवक्ता उज्ज्वल निकम की नियुक्ति का भी फैसला किया है।

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने पुणे में केतन अग्रवाल के पिता विशाल अग्रवाल से मुलाकात कर उन्हें आश्वासन दिया कि सरकार दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाने के लिए हर संभव कदम उठाएगी। परिवार की मांग पर उन्होंने फास्ट-ट्रैक कोर्ट में मुकदमा चलाने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दे दी। सरकार ने विधि एवं न्याय विभाग को आवश्यक प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए हैं।

ट्रेकिंग हादसे से हत्या तक पहुंची जांच

26 वर्षीय केतन अग्रवाल की 18 जून को पुणे जिले के लोहागढ़ किले पर गहरी खाई में गिरने से मौत हो गई थी। प्रारंभिक तौर पर इसे दुर्घटना माना गया, लेकिन परिवार ने शुरू से ही संदेह जताया कि अनुभवी ट्रेकर होने के कारण केतन का सामान्य रूप से फिसलकर गिरना संभव नहीं था। पुलिस ने दोबारा जांच शुरू की तो घटनास्थल, सीसीटीवी फुटेज, गवाहों के बयान और डिजिटल साक्ष्यों से कथित हत्या की साजिश का खुलासा हुआ। इसके बाद मंगेतर सिया गोयल और उसके कथित प्रेमी चेतन चौधरी को गिरफ्तार कर हत्या का मामला दर्ज किया गया।

डिजिटल सबूत बने जांच की सबसे बड़ी कड़ी

पुणे ग्रामीण पुलिस के अनुसार जांच में सामने आया कि घटना से पहले दोनों आरोपियों ने लोहागढ़ किले का कई बार सर्वे किया था। पुलिस को मोबाइल फोन की लोकेशन, इंटरनेट सर्च हिस्ट्री, कॉल रिकॉर्ड और चैट्स से ऐसे संकेत मिले हैं जो कथित रूप से पूर्व नियोजित साजिश की ओर इशारा करते हैं। जांच एजेंसियों का दावा है कि दोनों ने एक “सीक्रेट सिग्नल” भी तय किया था, जिसके आधार पर वारदात को अंजाम दिया गया।

जांच के दौरान चेतन चौधरी की दुकान पर काम करने वाले कर्मचारी नीरज कुमार का बयान भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पुलिस के अनुसार नीरज ने बताया कि घटना वाले दिन चेतन अपना मोबाइल उसके पास छोड़कर उसका मोबाइल लेकर लोहागढ़ गया था। जांच एजेंसियां इसे इलेक्ट्रॉनिक ट्रेल छिपाने की संभावित कोशिश के रूप में भी परख रही हैं।

परिवार बोला— रिश्ता तोड़ देती, हत्या क्यों की?

केतन के पिता विशाल अग्रवाल ने कहा कि यदि सिया शादी नहीं करना चाहती थी तो रिश्ता समाप्त कर सकती थी, लेकिन हत्या जैसा कदम किसी भी परिस्थिति में स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने कहा कि उनका परिवार गोयल परिवार को कई दशकों से जानता था और इसी भरोसे के कारण किसी तरह की आशंका नहीं हुई। उन्होंने दोषियों को मृत्युदंड देने की मांग करते हुए कहा कि न्याय मिलने तक परिवार संघर्ष जारी रखेगा।

केतन के दादा ने भी कहा कि दोनों परिवारों के बीच वर्षों पुराने संबंध थे, इसलिए इस तरह की घटना की कभी कल्पना भी नहीं की थी।

आरोपी परिवार की भी कड़ी प्रतिक्रिया

मामले में नया मोड़ तब आया जब सिया गोयल के माता-पिता ने भी सार्वजनिक रूप से कहा कि यदि उनकी बेटी जांच और न्यायालय में दोषी साबित होती है तो उसे कानून के अनुसार सबसे कठोर सजा मिलनी चाहिए। वहीं चेतन चौधरी के परिवार ने उस पर लगाए गए आरोपों को लेकर अपनी आपत्तियां दर्ज कराई हैं।

विधानसभा में उठा मामला, एसआईटी करेगी व्यापक जांच

महाराष्ट्र विधानसभा में यह मामला उठने के बाद पीठासीन अधिकारी ने सरकार को एसआईटी गठित करने के निर्देश दिए। इसके बाद राज्य सरकार ने विशेष जांच दल के गठन की प्रक्रिया शुरू कर दी है ताकि मामले के सभी पहलुओं की निष्पक्ष और विस्तृत जांच हो सके। एसआईटी मोबाइल डेटा, फोरेंसिक साक्ष्य, घटनास्थल के पुनर्निर्माण, गवाहों के बयान और कथित साजिश के सभी पहलुओं की जांच करेगी।

देशभर में चर्चा का विषय बना मामला

केतन अग्रवाल हत्याकांड ने पूरे देश में व्यापक चर्चा छेड़ दी है। पहले इसे एक सामान्य ट्रेकिंग दुर्घटना माना गया था, लेकिन जांच में सामने आए कथित डिजिटल सबूतों, पूर्व नियोजित योजना और रिश्तों के जटिल पहलुओं ने इसे हाल के वर्षों के सबसे चर्चित आपराधिक मामलों में शामिल कर दिया है। हालांकि पुलिस की जांच अभी जारी है और आरोपों की अंतिम पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही होगी। फिलहाल दोनों आरोपी पुलिस हिरासत में हैं और जांच एजेंसियां सभी उपलब्ध साक्ष्यों को अदालत में प्रस्तुत करने की तैयारी कर रही हैं।

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