कैंची धाम मेले के लिए सुरक्षा का अभेद्य घेरा, पांच लाख श्रद्धालुओं के स्वागत को तैयार प्रशासन

नैनीताल, 13 जून 2026 (यूएनएस)। उत्तराखंड के प्रसिद्ध कैंची धाम में 15 जून को होने वाले स्थापना दिवस समारोह और भव्य मेले को लेकर प्रशासन ने सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन की व्यापक तैयारियां पूरी कर ली हैं। इस वर्ष मेले में पांच लाख से अधिक श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना को देखते हुए पुलिस और प्रशासन ने पूरे क्षेत्र को सुरक्षा के कड़े घेरे में ले लिया है।

हल्द्वानी में आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में पुलिस महानिरीक्षक निवेदिता कुकरेती और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. मंजूनाथ टीसी ने सुरक्षा, यातायात और भीड़ नियंत्रण व्यवस्थाओं का जायजा लिया। अधिकारियों ने सभी पुलिसकर्मियों को पूरी सतर्कता और अनुशासन के साथ ड्यूटी निभाने के निर्देश दिए।

कैंची धाम मेले के लिए सुरक्षा का अभेद्य घेरा, पांच लाख श्रद्धालुओं के स्वागत को तैयार प्रशासन

मेले की सुरक्षा व्यवस्था के लिए क्षेत्र को चार सुपर जोन और 14 जोन में विभाजित किया गया है। प्रत्येक जोन में वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी में पुलिस टीमें तैनात रहेंगी। सुरक्षा व्यवस्था के तहत तीन पुलिस अधीक्षक स्तर के अधिकारी, आठ अपर पुलिस अधीक्षक, 26 निरीक्षक और थानाध्यक्ष, 146 उपनिरीक्षक तथा अपर उपनिरीक्षक, 506 आरक्षी और 455 प्रशिक्षु आरक्षी तैनात किए जाएंगे। इसके अलावा दो कंपनियां प्रांतीय सशस्त्र बल, दो कंपनियां केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल, राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल, अग्निशमन विभाग और बम निरोधक दस्ते की भी तैनाती रहेगी।

मंदिर परिसर, प्रवेश द्वारों, पार्किंग स्थलों और प्रमुख मार्गों पर विशेष निगरानी रखी जाएगी। बम निरोधक दस्ता लगातार जांच अभियान चलाएगा, जबकि स्थानीय खुफिया इकाइयों को चौबीस घंटे सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।

कैंची धाम मेले के लिए सुरक्षा का अभेद्य घेरा, पांच लाख श्रद्धालुओं के स्वागत को तैयार प्रशासन

श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए विशेष यातायात योजना भी लागू की जाएगी। संकरे मार्गों और पुलों पर भारी वाहनों के प्रवेश पर रोक रहेगी। पार्किंग व्यवस्था को सुव्यवस्थित किया गया है तथा श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए शटल सेवा संचालित होगी। खोया-पाया केंद्र और स्वयंसेवकों की टीम भी मेले में तैनात रहेगी।

यातायात पुलिस के अनुसार वाहनों के प्रवेश और नियंत्रण के लिए विशेष स्टिकर प्रणाली लागू की जाएगी। केवल वैध होटल बुकिंग और निर्धारित पार्किंग व्यवस्था वाले वाहनों को ही प्रवेश की अनुमति दी जाएगी।

समीक्षा बैठक के दौरान एक पुलिसकर्मी के मोबाइल फोन पर व्यस्त पाए जाने पर वरिष्ठ अधिकारियों ने नाराजगी जताई और ड्यूटी के प्रति गंभीरता बरतने की सख्त हिदायत दी। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि मेले की सुरक्षा और श्रद्धालुओं की सुविधा के साथ किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

प्रशासन का दावा है कि सुरक्षा, यातायात और भीड़ प्रबंधन की सभी व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दे दिया गया है, ताकि श्रद्धालु सुरक्षित और व्यवस्थित ढंग से बाबा नीम करौली महाराज के दर्शन कर सकें।

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