लखनऊ, 9 जून (यूएनएस)। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने हरदोई जिले में शाहाबाद के उपजिलाधिकारी (एसडीएम) सुशील मिश्रा पर हुए हमले की कड़ी निंदा करते हुए प्रदेश की कानून-व्यवस्था पर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि सरकारी निरीक्षण के दौरान किसी अधिकारी पर इस तरह का जानलेवा हमला अत्यंत चिंताजनक है और यह दर्शाता है कि अराजक तत्वों के हौसले किस कदर बढ़ चुके हैं।
मायावती ने अपने बयान में कहा कि राजधानी लखनऊ के पड़ोसी जिले हरदोई में सरकारी कार्य के दौरान एसडीएम पर ईंट-पत्थरों से हमला किया गया, जिससे उन्हें गंभीर चोटें आईं और अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाएं न केवल प्रशासनिक व्यवस्था को कमजोर करती हैं, बल्कि सरकारी कार्यों में बाधा उत्पन्न करने के साथ-साथ भ्रष्टाचार और अराजकता को भी बढ़ावा देती हैं।
बसपा प्रमुख ने प्रदेश सरकार से मांग की कि अधिकारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं, ताकि वे बिना किसी भय के अपने दायित्वों का निर्वहन कर सकें। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समय रहते ऐसी घटनाओं पर अंकुश नहीं लगाया गया तो कानून-व्यवस्था की स्थिति और गंभीर हो सकती है।
गौरतलब है कि सोमवार को शाहाबाद कोतवाली क्षेत्र के परियल गांव में एसडीएम सुशील कुमार मिश्रा अपनी टीम के साथ गर्रा नदी के किनारे स्थित सिल्ट पट्टे, अन्नपूर्णा भवन और आरआरसी सेंटर का निरीक्षण करने पहुंचे थे। जिला मजिस्ट्रेट अनुनय झा के अनुसार, एसडीएम बाढ़ राहत तैयारियों का जायजा भी ले रहे थे।
निरीक्षण के दौरान अन्नपूर्णा भवन और आरआरसी सेंटर में कुछ खामियां मिलने पर उन्होंने मौके पर मौजूद ग्राम प्रधान के पुत्र उदयवीर राजपूत से जानकारी मांगी। आरोप है कि इस पर उदयवीर ने अभद्र व्यवहार किया और बाद में अन्य ग्रामीणों को भी बुला लिया। स्थिति तनावपूर्ण होने पर एसडीएम वहां से निकलने लगे, तभी कुछ महिलाओं ने उनकी गाड़ी पर पथराव कर दिया। इस घटना में एसडीएम के सिर में गंभीर चोट आई और उन्हें टांके लगाने पड़े।
पुलिस ने उदयवीर राजपूत समेत कई लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। घटना के बाद पूरे गांव में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है और क्षेत्र को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया है। प्रशासन मामले की जांच कर रहा है।
