लखनऊ, 07 जून। पूर्वांचल के विकास को नई गति देने वाली मऊ-बलिया राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 128-बी के 55.57 किलोमीटर लंबे खंड के चौड़ीकरण एवं फोरलेन निर्माण परियोजना को मंजूरी मिल गई है। नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा के प्रयासों से मिली इस स्वीकृति को क्षेत्र के आर्थिक और सामाजिक विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।
परियोजना को शीघ्र धरातल पर उतारने के उद्देश्य से मंत्री ए.के. शर्मा ने भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के अध्यक्ष को पत्र लिखकर टेंडर प्रक्रिया जल्द शुरू कराने और निर्माण कार्य में तेजी लाने का अनुरोध किया है। उन्होंने कहा कि यह परियोजना केवल सड़क निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि पूर्वांचल की अर्थव्यवस्था को नई दिशा देने वाला ग्रोथ कॉरिडोर साबित होगी।
ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा ने एनएचएआई को लिखा पत्र, जल्द निर्माण शुरू कराने की मांग
मंत्री ने बताया कि फोरलेन निर्माण से मऊ और बलिया के बीच यातायात अधिक सुगम होगा, यात्रा समय में उल्लेखनीय कमी आएगी तथा सड़क सुरक्षा में भी सुधार होगा। इसके साथ ही परियोजना के तहत कई रेलवे ओवरब्रिजों का निर्माण प्रस्तावित है, जिससे रेलवे क्रॉसिंग पर लगने वाले जाम और आवागमन में आने वाली बाधाएं समाप्त होंगी।
उन्होंने कहा कि बेहतर सड़क संपर्क से व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा, नए निवेश आकर्षित होंगे और क्षेत्र में औद्योगिक विकास की संभावनाएं मजबूत होंगी। इसका सीधा लाभ किसानों, व्यापारियों, विद्यार्थियों और आम नागरिकों को मिलेगा। कृषि उत्पादों के परिवहन में सुविधा होने से किसानों को बेहतर बाजार उपलब्ध होंगे, जबकि व्यापारिक गतिविधियों में तेजी से स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
ए.के. शर्मा ने विश्वास व्यक्त किया कि परियोजना के पूर्ण होने के बाद मऊ, बलिया तथा आसपास के जनपदों में आर्थिक गतिविधियों को नई ऊर्जा मिलेगी और पूर्वांचल के समग्र विकास को एक नई दिशा प्राप्त होगी। उन्होंने कहा कि यह फोरलेन सड़क क्षेत्र के लिए विकास की नई धुरी साबित होगी और आने वाले वर्षों में रोजगार तथा निवेश के नए अवसर सृजित करेगी।
