महंत के सेवक से रंगदारी वसूलने के आरोप में रिटायर्ड डिप्टी एसपी गिरफ्तार

आगरा, 06 जून (यूएनएस)। राजस्थान के प्रसिद्ध मेहंदीपुर बालाजी धाम के महंत के सेवक से कथित तौर पर रंगदारी वसूलने और ब्लैकमेल करने के मामले में आगरा पुलिस ने एक सेवानिवृत्त डिप्टी एसपी और उसके सहयोगी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। आरोप है कि दोनों ने महंत से जुड़े कथित निजी वीडियो वायरल करने की धमकी देकर पांच लाख रुपये की मांग की थी तथा राइफल के बल पर एक लाख रुपये वसूल लिए थे।

पुलिस के अनुसार जयपुर निवासी अनुज कुमार, जो मेहंदीपुर बालाजी धाम के महंत नरेशपुरी के सेवक हैं, ने थाना रकाबगंज में दर्ज कराई गई शिकायत में बताया कि उन्हें धौलपुर के कसौटी खेड़ा निवासी जितेंद्र का फोन आया था। ट्रू-कॉलर पर कॉल करने वाले का नाम आरिफ दिखाई दे रहा था। बातचीत के दौरान आरोपी ने दावा किया कि उसके पास महंत के निजी वीडियो हैं और वह उन्हें सार्वजनिक कर सकता है।

वीडियो वायरल करने की धमकी देकर मांगे थे पांच लाख रुपये, राइफल दिखाकर एक लाख रुपये वसूलने का आरोप

शिकायत के मुताबिक आरोपी लगातार फोन कर महंत से मुलाकात कराने का दबाव बना रहा था और वीडियो को सोशल मीडिया तथा समाचार पत्रों में प्रकाशित करने की धमकी दे रहा था। अनुज कुमार का आरोप है कि 26 मई को उन्हें आगरा के जेपी होटल में बुलाकर पांच लाख रुपये की मांग की गई। रकम देने से इनकार करने पर आरोपी वहां से चले गए, लेकिन कुछ देर बाद फिर फोन कर शाहजहां गार्डन के पास बुलाया।

पीड़ित के अनुसार वहां जितेंद्र के साथ तीन अन्य लोग भी मौजूद थे। इनमें से एक ने अपना नाम विवेक शर्मा निवासी गणेश बाग, न्यू आगरा बताया। आरोप है कि विवेक शर्मा ने राइफल दिखाकर उन्हें धमकाया और एक लाख रुपये ले लिए। साथ ही शेष रकम नहीं देने पर बदनाम करने की चेतावनी दी।

मामले की जांच के दौरान पुलिस ने उन मोबाइल नंबरों की जानकारी जुटाई, जिनसे पीड़ित को कॉल किए गए थे। जांच में सामने आया कि संबंधित सिम कार्ड कथित रूप से फर्जी पहचान पत्रों के आधार पर लिए गए थे। इसके अलावा जेपी होटल के सीसीटीवी फुटेज की जांच में आरोपियों की पहचान स्पष्ट हो गई।

पुलिस ने एक जून को कार्रवाई करते हुए विवेक शर्मा और राजस्थान निवासी जितेंद्र को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ और जांच के दौरान यह भी सामने आया कि विवेक शर्मा उत्तर प्रदेश पुलिस का सेवानिवृत्त डिप्टी एसपी है। उसके कब्जे से लाइसेंसी राइफल बरामद की गई, जिसे पुलिस ने जब्त कर लिया है। इसी राइफल का उपयोग कथित रूप से धमकाने के लिए किया गया था। इसके चलते मामले में आर्म्स एक्ट की धाराएं भी जोड़ी गई हैं।

पुलिस जांच में यह भी जानकारी मिली है कि विवेक शर्मा ने एक यूट्यूब चैनल शुरू किया था और जितेंद्र उसके साथ कार्य करता था। आरोप है कि दोनों मिलकर महंत के सेवक को ब्लैकमेल करने की योजना में शामिल थे।

पुलिस सूत्रों के अनुसार विवेक शर्मा का लंबा पुलिस सेवा अनुभव रहा है। वह पहले थाना लोहामंडी और एत्मादपुर में वरिष्ठ उपनिरीक्षक (एसएसआई) के पद पर तैनात रह चुका है। बाद में पदोन्नति पाकर इंस्पेक्टर बना और कानपुर तथा अलीगढ़ में भी तैनात रहा। सेवा निवृत्ति से पहले वह क्षेत्राधिकारी (सीओ) के पद तक पहुंचा था।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच जारी है और आरोपियों से पूछताछ के आधार पर अन्य संभावित पहलुओं की भी जांच की जा रही है। महंत से जुड़े संवेदनशील प्रकरण को देखते हुए कार्रवाई को गोपनीय तरीके से अंजाम दिया गया। पुलिस का कहना है कि उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।

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