नरही में विद्या मंदिर गर्ल्स हाईस्कूल पर लगा ताला, छात्रों ने लगाई गुहार—मुख्यमंत्री जी, हमारी पढ़ाई बचा लीजिए

लखनऊ, 06 जून (यूएनएस)। राजधानी लखनऊ के हजरतगंज स्थित नरही क्षेत्र में लगभग 90 वर्ष पुराने विद्या मंदिर गर्ल्स हाईस्कूल पर ताला लगाए जाने के विरोध में शनिवार को छात्र-छात्राओं, शिक्षकों और अभिभावकों ने विद्यालय परिसर के बाहर प्रदर्शन किया। विद्यालय बंद होने से आक्रोशित बच्चों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से उनकी पढ़ाई बचाने की अपील की।

विद्यालय के बाहर एकत्र छात्र-छात्राओं और शिक्षकों ने नारेबाजी करते हुए विद्यालय को पुनः संचालित कराने की मांग की। प्रदर्शन को समर्थन देने पहुंचे समाजवादी पार्टी के विधायक रविदास मेहरोत्रा ने आरोप लगाया कि कुछ भू-माफियाओं और असामाजिक तत्वों ने विद्यालय का बोर्ड उखाड़कर जबरन ताला लगा दिया है।

विद्यालय बंद होने के विरोध में छात्र-छात्राओं और शिक्षकों का प्रदर्शन, सपा विधायक रविदास मेहरोत्रा ने भी जताया समर्थन

विद्यालय की प्रबंधक संतोष रस्तोगी ने बताया कि करीब एक सदी पहले यह भूमि शिक्षा के उद्देश्य से दान में मिली थी। भूमिदाता के निधन के बाद कुछ लोगों ने कथित रूप से फर्जी दस्तावेजों और रजिस्ट्री के आधार पर संपत्ति पर कब्जा करने का प्रयास शुरू कर दिया। उन्हीं दस्तावेजों के आधार पर एडीएम कोर्ट से विद्यालय बंद कराने का आदेश प्राप्त किया गया और 4 जून को पुलिस की मौजूदगी में विद्यालय पर ताला लगा दिया गया।

उन्होंने आरोप लगाया कि विद्यालय प्रबंधन को कोई विधिवत नोटिस नहीं दिया गया और न ही उनका पक्ष सुना गया। उन्होंने कहा कि मामले की जानकारी जिला विद्यालय निरीक्षक और शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को भी दी गई थी, लेकिन विद्यालय के हितों की रक्षा के लिए कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया गया।

विद्यालय की कार्यवाहक प्रधानाचार्या रश्मि ने बताया कि विद्यालय में लगभग 250 छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं। यहां छह सरकारी और चार निजी शिक्षक कार्यरत हैं। उन्होंने कहा कि विद्यालय में रखे महत्वपूर्ण अभिलेखों और विद्यार्थियों से संबंधित दस्तावेजों को क्षति पहुंचाई गई। कई दस्तावेज बोरे में भरकर रख दिए गए, जो बाद में बारिश में भीग गए। विद्यालय की अलमारियां भी क्षतिग्रस्त कर दी गईं।

उन्होंने बताया कि 4 जून को कुछ लोगों के साथ पुलिसकर्मी विद्यालय पहुंचे और शिक्षकों को तत्काल कक्षों से बाहर जाने के लिए कहा गया। इसके बाद विद्यालय का बोर्ड हटाकर भवन पर लिखा नाम भी पेंट कर ढक दिया गया।

सपा विधायक रविदास मेहरोत्रा ने कहा कि वर्ष 1936 में स्थापित यह विद्यालय क्षेत्र की बेटियों की शिक्षा का महत्वपूर्ण केंद्र रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार एक ओर “बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ” का नारा देती है, जबकि दूसरी ओर बेटियों की शिक्षा से जुड़े संस्थान बंद हो रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सैकड़ों बच्चों के भविष्य को संकट में डाल दिया गया है और उनके लिए वैकल्पिक व्यवस्था भी नहीं की गई।

विद्यालय के दसवीं कक्षा के छात्र कृष्ण ने कहा कि विद्यालय बंद होने से उनका भविष्य अधर में लटक गया है। उन्होंने कहा कि हाईस्कूल की परीक्षा का पंजीकरण इसी विद्यालय से हुआ है और यदि विद्यालय बंद रहा तो उनकी पढ़ाई प्रभावित होगी। उन्होंने मुख्यमंत्री से विद्यालय को बचाने की अपील की।

सातवीं कक्षा के छात्र राधा रमन ने भी मुख्यमंत्री से भावुक अपील करते हुए कहा कि वह बचपन से इसी विद्यालय में पढ़ रहे हैं और भविष्य में सेना में भर्ती होकर देश सेवा करना चाहते हैं। उन्होंने हाथ जोड़कर विद्यालय को पुनः खोलने की मांग की।

उल्लेखनीय है कि वर्ष 1936 में स्थापित विद्या मंदिर गर्ल्स हाईस्कूल वर्तमान में लगभग 250 विद्यार्थियों को शिक्षा प्रदान कर रहा है। विद्यालय पर ताला लगाए जाने के बाद छात्रों, शिक्षकों और अभिभावकों में भविष्य को लेकर गहरी चिंता व्याप्त है।

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