लखनऊ, 6 जून 2026 (यूएनएस)। प्रदेश में सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने और महिला सशक्तीकरण को नई गति देने के उद्देश्य से आयोजित कार्यक्रम में प्रशिक्षित सोलर दीदियों को नियुक्ति पत्र एवं प्रशिक्षण प्रमाणपत्र वितरित किए गए। कार्यक्रम का आयोजन प्रधानमंत्री सूर्य घर : मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत संचालित एमएनआरई सिटी एक्सीलेटर कार्यक्रम के तहत किया गया।
कार्यक्रम में प्रदेश के ऊर्जा मंत्री ए. के. शर्मा ने प्रशिक्षित सोलर दीदियों को नियुक्ति पत्र और प्रमाणपत्र प्रदान किए। उन्होंने कहा कि सौर ऊर्जा के क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी बढ़ने से न केवल ऊर्जा आत्मनिर्भरता को बल मिलेगा, बल्कि ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में महिलाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।
कार्यक्रम के दौरान हनुमंत रिन्यूएबल कंपनी के प्रतिनिधियों ने बताया कि चयनित सोलर दीदियों को प्रतिमाह 14,156 रुपये मानदेय दिया जाएगा। इसके अतिरिक्त प्रत्येक सोलर दीदी को निःशुल्क दो किलोवाट क्षमता का छत पर स्थापित होने वाला सौर ऊर्जा संयंत्र तथा इंडक्शन चूल्हा उपलब्ध कराया जाएगा। इससे वे स्वयं स्वच्छ ऊर्जा का उपयोग कर सकेंगी और समाज में इसके प्रति जागरूकता फैलाने का कार्य करेंगी।
एमएनआरई कैप के परामर्शदाता उपकारी नाथ ने कहा कि यह पहल प्रधानमंत्री के सौर ऊर्जा आधारित भारत और महिला सशक्तीकरण के दृष्टिकोण को साकार करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने बताया कि सोलर दीदियां प्रधानमंत्री सूर्य घर : मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत लोगों को आवेदन प्रक्रिया, अनुदान, छत पर सौर ऊर्जा संयंत्र की स्थापना और अन्य तकनीकी जानकारियों के संबंध में सहायता प्रदान करेंगी।
भारत सरकार द्वारा संचालित सिटी एक्सीलेटर कार्यक्रम के अंतर्गत सोलर दीदियों को विशेष प्रोत्साहन भी दिया जा रहा है। ये महिलाएं घर-घर जाकर नागरिकों को सौर ऊर्जा अपनाने के लिए प्रेरित करेंगी तथा ऊर्जा सुरक्षा, आत्मनिर्भर भारत और विकसित भारत के लक्ष्य को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।
कार्यक्रम में शम्भु कुमार, रविन्दर सिंह तथा हिमांशु नागपाल सहित अनेक अधिकारी, जनप्रतिनिधि और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
योगी सरकार का मानना है कि सौर ऊर्जा और महिला सशक्तीकरण को एक साथ जोड़ने वाली यह पहल प्रदेश में स्वच्छ ऊर्जा के विस्तार और महिलाओं की आर्थिक आत्मनिर्भरता को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
