अमृत सरोवर योजना से गांवों में विकास को मिली नई रफ्तार, उत्तर प्रदेश देश में प्रथम

लखनऊ, 05 जून 2026 (यूएनएस)। उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में मिशन अमृत सरोवर के तहत जल संरक्षण और ग्रामीण विकास को नई दिशा मिली है। प्रधानमंत्री के जल संरक्षण संबंधी दूरदर्शी विजन के अनुरूप अप्रैल 2022 में शुरू हुई इस योजना के तहत प्रदेश में अब तक 19,900 से अधिक अमृत सरोवरों का निर्माण पूरा किया जा चुका है, जिससे उत्तर प्रदेश देश में प्रथम स्थान पर पहुंच गया है।

ग्रामीण विकास विभाग द्वारा संचालित इस महत्वाकांक्षी योजना के माध्यम से गांवों में जल संरक्षण, पर्यावरण संरक्षण और ग्रामीण आजीविका को मजबूत आधार मिल रहा है। सरकार का मानना है कि जलवायु परिवर्तन, गिरते भूजल स्तर और अनिश्चित मानसून जैसी चुनौतियों से निपटने में अमृत सरोवर महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि प्रदेश सरकार ग्रामीण क्षेत्रों के सर्वांगीण विकास के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि लंबे समय से उपेक्षित और अतिक्रमण के शिकार तालाबों का पुनरुद्धार कर उन्हें अमृत सरोवर के रूप में विकसित किया जा रहा है, जिससे जल संरक्षण के साथ-साथ पर्यावरणीय संतुलन भी मजबूत हो रहा है।

योजना के तहत प्रत्येक अमृत सरोवर का निर्माण न्यूनतम एक एकड़ क्षेत्रफल में किया जाता है, जिसमें लगभग 10 हजार घन मीटर जल संग्रहण की क्षमता होती है। सरोवरों के चारों ओर नीम, पीपल, बरगद और अर्जुन जैसे औषधीय एवं छायादार वृक्ष लगाए जा रहे हैं, जिससे हरित क्षेत्र का विस्तार होने के साथ मिट्टी के कटाव पर भी नियंत्रण पाया जा रहा है।

ग्रामीण क्षेत्रों में अमृत सरोवरों का सकारात्मक प्रभाव स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगा है। भूजल स्तर में सुधार हुआ है, सिंचाई सुविधाएं बेहतर हुई हैं और कृषि उत्पादन में स्थिरता आई है। इसके अलावा मछली पालन और पशुपालन जैसी गतिविधियों को बढ़ावा मिलने से ग्रामीण परिवारों की आय में भी वृद्धि हो रही है। निर्माण कार्यों के दौरान स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर भी प्राप्त हुए हैं।

ग्रामीण विकास विभाग के अनुसार, अमृत सरोवर निर्माण में उत्तर प्रदेश 19,978 सरोवरों के साथ देश में पहले स्थान पर है। दूसरे स्थान पर मध्य प्रदेश है, जहां 5,838 अमृत सरोवर बनाए गए हैं, जबकि कर्नाटक 4,054 सरोवरों के साथ तीसरे स्थान पर है।

जनपदवार प्रदर्शन की बात करें तो हरदोई 1,202 अमृत सरोवरों के निर्माण के साथ प्रदेश में प्रथम स्थान पर है। इसके बाद आजमगढ़ 797 और गोरखपुर 734 अमृत सरोवरों के निर्माण के साथ क्रमशः दूसरे और तीसरे स्थान पर हैं।

विभागीय अधिकारियों के अनुसार, योजना के दूसरे चरण में ओडिशा ने 7,347, उत्तर प्रदेश ने 2,549 तथा मध्य प्रदेश ने 1,314 नए अमृत सरोवरों के निर्माण के लिए स्थलों का चिन्हांकन किया है। सरकार का लक्ष्य प्रत्येक ग्राम पंचायत में कम से कम दो अमृत सरोवर विकसित कर भविष्य की जल सुरक्षा को मजबूत करना है।

विशेषज्ञों का मानना है कि अमृत सरोवर योजना जल संरक्षण, पर्यावरण संतुलन और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने की दिशा में दीर्घकालिक एवं स्थायी समाधान के रूप में उभर रही है।

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