राज्य अध्यापक पुरस्कार-2025 के लिए 7 जून से आवेदन शुरू, उत्कृष्ट शिक्षकों को मिलेगा सम्मान

लखनऊ, 04 जून 2026 (यूएनएस)। उत्तर प्रदेश सरकार ने शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले शिक्षकों को सम्मानित करने के लिए राज्य अध्यापक पुरस्कार-2025 की चयन प्रक्रिया शुरू कर दी है। बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार पात्र शिक्षक एवं शिक्षिकाएं 07 जून से 30 जून 2026 तक प्रेरणा पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे।

बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संदीप सिंह ने कहा कि राज्य अध्यापक पुरस्कार शिक्षकों के उत्कृष्ट कार्यों, नवाचारों और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में उनके योगदान को सम्मानित करने का महत्वपूर्ण माध्यम है। उन्होंने कहा कि शिक्षक राष्ट्र निर्माण की आधारशिला हैं और उनके उत्कृष्ट कार्यों को पहचान देना तथा प्रोत्साहित करना राज्य सरकार की प्राथमिकता है।

उन्होंने बताया कि आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन होगी और किसी भी प्रकार के ऑफलाइन आवेदन स्वीकार नहीं किए जाएंगे। इच्छुक शिक्षक निर्धारित अवधि में प्रेरणा पोर्टल पर अपना आवेदन और ऑनलाइन पोर्टफोलियो प्रस्तुत कर सकेंगे।

पुरस्कार के लिए केवल नियमित रूप से कार्यरत शिक्षक एवं शिक्षिकाएं ही पात्र होंगे। आवेदनकर्ता के लिए न्यूनतम 15 वर्ष की नियमित सेवा पूर्ण होना आवश्यक है तथा सेवानिवृत्ति में कम से कम पांच वर्ष का समय शेष होना चाहिए। संविदा शिक्षक, शिक्षामित्र, सेवानिवृत्त शिक्षक तथा पूर्व में राज्य या राष्ट्रीय स्तर पर पुरस्कृत शिक्षक इस पुरस्कार के लिए पात्र नहीं होंगे।

संदीप सिंह ने कहा कि राज्य सरकार शिक्षकों में नवाचार, गुणवत्ता और उत्कृष्टता की भावना को बढ़ावा देने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। राज्य अध्यापक पुरस्कार के माध्यम से ऐसे शिक्षकों को सम्मानित किया जाएगा जिन्होंने अपने समर्पण, नवाचार और परिश्रम से शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने में उल्लेखनीय योगदान दिया है।

शिक्षा निदेशक (बेसिक) अनिल भूषण चतुर्वेदी द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार 01 जुलाई से 20 जुलाई तक जनपद चयन समितियां प्राप्त आवेदनों का परीक्षण, अभिलेखों का सत्यापन और मूल्यांकन करेंगी। इसके बाद चयनित आवेदनों को राज्य चयन समिति के पास भेजा जाएगा। राज्य स्तर पर 01 अगस्त से 14 अगस्त तक पुनर्मूल्यांकन, प्रस्तुतीकरण और साक्षात्कार की प्रक्रिया सम्पन्न होगी।

राज्य अध्यापक पुरस्कार के लिए शिक्षकों का मूल्यांकन 100 अंकों की प्रणाली के आधार पर किया जाएगा। इसमें विद्यालय में नामांकन वृद्धि, ड्रॉपआउट दर में कमी, निपुण भारत मिशन के लक्ष्यों की प्राप्ति, नवाचार आधारित शिक्षण, डिजिटल तकनीक का उपयोग, विद्यार्थियों की शैक्षिक उपलब्धियां, सामुदायिक सहभागिता और विद्यालय विकास में योगदान जैसे मानकों को शामिल किया गया है।

निर्धारित मूल्यांकन प्रणाली के तहत वस्तुनिष्ठ मानकों के लिए 40 अंक, प्रदर्शन आधारित गतिविधियों के लिए 40 अंक तथा प्रस्तुतीकरण एवं साक्षात्कार के लिए 20 अंक निर्धारित किए गए हैं। विभाग को उम्मीद है कि इस पहल से शिक्षकों में उत्कृष्ट कार्य करने की प्रेरणा मिलेगी और शिक्षा की गुणवत्ता को और अधिक मजबूती प्राप्त होगी।

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