विश्व साइकिल दिवस पर लखनऊ विश्वविद्यालय में निकली जागरूकता रैली, पर्यावरण संरक्षण का दिया संदेश

लखनऊ, 03 जून (यूएनएस)। विश्व पर्यावरण दिवस 2026 के उपलक्ष्य में आयोजित सप्ताहभर के कार्यक्रमों के अंतर्गत बुधवार को लखनऊ विश्वविद्यालय में विश्व साइकिल दिवस के अवसर पर भव्य साइकिल रैली निकाली गई। रैली का आयोजन पर्यावरण जागरूकता, ऊर्जा संरक्षण, सतत परिवहन और जलवायु परिवर्तन के प्रति लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से किया गया।

रैली का आयोजन विश्वविद्यालय के वन्यजीव विज्ञान संस्थान स्थित पर्यावरण सूचना, जागरूकता एवं क्षमता निर्माण केंद्र (ईआईएसीपी) द्वारा नीवा फाउंडेशन के सहयोग से किया गया। रैली को विश्वविद्यालय के गेट संख्या-3 से ईआईएसीपी केंद्र की समन्वयक, प्राणी विज्ञान विभागाध्यक्ष एवं छात्र कल्याण अधिष्ठाता प्रोफेसर अमिता कनौजिया ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

साइकिल रैली विश्वविद्यालय परिसर से राजभवन तक पहुंची और वहां से पुनः विश्वविद्यालय लौटी। इस दौरान प्रतिभागियों ने पर्यावरण-अनुकूल परिवहन को बढ़ावा देने और हरित जीवनशैली अपनाने का संदेश दिया। रैली में कुल 120 प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया। इनमें विश्वविद्यालय के शिक्षक, शोधार्थी, छात्र-छात्राएं, पुलिसकर्मी, एम्बुलेंस सेवा कर्मी और पर्यावरण प्रेमी शामिल रहे।

प्रतिभागियों ने साइकिल को स्वच्छ, स्वास्थ्यवर्धक और ऊर्जा-कुशल परिवहन का सबसे बेहतर माध्यम बताते हुए इसके अधिकाधिक उपयोग की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि साइकिल का प्रयोग न केवल प्रदूषण कम करता है, बल्कि लोगों के स्वास्थ्य को भी बेहतर बनाता है।

कार्यक्रम में मुख्य प्रॉक्टर प्रोफेसर असीश अवस्थी, प्रोफेसर महेंद्र अग्निहोत्री, डॉ. विनीत मैक्सवेल डेविड, डॉ. साची राय, डॉ. करुणा शंकर कनौजिया, डॉ. संथिल, डॉ. आनंद पांडेय तथा नीवा फाउंडेशन के निदेशक के.एम. द्विवेदी सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे। सभी वक्ताओं ने पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास के लिए सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता पर जोर दिया।

आयोजकों के अनुसार, पर्यावरण सप्ताह के अंतर्गत आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों में अब तक 500 से अधिक लोग भाग ले चुके हैं, जो पर्यावरण संरक्षण और जैव विविधता के प्रति बढ़ती जागरूकता का संकेत है।

इसी क्रम में विश्वविद्यालय परिसर में वृक्षारोपण अभियान भी चलाया गया। पुराने परिसर के सभी 18 छात्रावासों में शमी, सिंदूर और सावनी प्रजाति के तीन-तीन पौधे लगाए गए। इसके अतिरिक्त प्राणी विज्ञान विभाग और छात्र कल्याण कार्यालय परिसर में भी पौधरोपण किया गया। 3 जून तक कुल 66 पौधे लगाए जा चुके हैं, जो विश्वविद्यालय परिसर में हरित आवरण बढ़ाने और जैव विविधता संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

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