योगी राज में गाय को देखकर कांप रहे कसाई: धर्मपाल सिंह

लखनऊ, 02 जून (यूएनएस)। उत्तर प्रदेश सरकार में पशुधन एवं दुग्ध विकास मंत्री धर्मपाल सिंह ने गायों के संरक्षण और गौवंश सुरक्षा के मुद्दे पर समाजवादी पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि सपा सरकार के दौरान गायें कसाइयों से भयभीत रहती थीं, जबकि आज स्थिति यह है कि गाय को देखकर कसाई कांप रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में गौसंरक्षण को लेकर योगी सरकार की नीति पूरी तरह स्पष्ट है और इसी का परिणाम है कि अब गौवंश संरक्षण को लेकर व्यापक जागरूकता दिखाई दे रही है।

मंगलवार को मीडिया से बातचीत में मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट कर दिया है कि गाय भारतीय संस्कृति में माता के समान पूजनीय है और उसे किसी विशेष दर्जे की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने कहा कि गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की मांग पर मुख्यमंत्री का दृष्टिकोण साफ है कि गाय केवल एक पशु नहीं, बल्कि करोड़ों लोगों की आस्था का केंद्र है।

धर्मपाल सिंह ने कहा कि प्रदेश में वर्तमान समय में लगभग 7,500 गौशालाएं संचालित हो रही हैं, जिनमें करीब 1.40 लाख गौवंश संरक्षित हैं। उन्होंने दावा किया कि सपा शासनकाल में गौशालाओं में गायों के चारे के लिए प्रतिदिन 30 रुपये की व्यवस्था थी, जबकि वर्तमान सरकार ने इसे बढ़ाकर 50 रुपये कर दिया है।

उन्होंने कहा कि पहले ग्रामीण क्षेत्रों में लोग अपनी सुरक्षा से ज्यादा पशुओं की सुरक्षा को लेकर चिंतित रहते थे, लेकिन अब कानून-व्यवस्था और गौसंरक्षण की स्थिति में व्यापक सुधार हुआ है। मंत्री ने दावा किया कि वर्तमान परिस्थितियों का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि अब कुछ लोग स्वयं गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित किए जाने की मांग कर रहे हैं।

गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की मांग का उल्लेख करते हुए मंत्री ने कहा कि हाल ही में पश्चिम बंगाल में बकरीद से पहले पशु बाजारों से जुड़ी कुछ तस्वीरें सामने आई थीं, जिनके बाद इस विषय पर बहस तेज हुई। इसी क्रम में जमीयत उलेमा-ए-हिंद के अध्यक्ष मौलाना अरशद मदनी ने भी गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की मांग उठाई थी। उनका तर्क था कि देश की बहुसंख्यक आबादी गाय को पूजनीय और मां के समान मानती है, इसलिए उसे राष्ट्रीय पशु का दर्जा दिया जाना चाहिए।

मंत्री ने कहा कि इस विषय पर सोशल मीडिया और विभिन्न मंचों पर चर्चा जारी है, लेकिन राज्य सरकार का फोकस गायों के संरक्षण, संवर्धन और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने पर है। उन्होंने कहा कि योगी सरकार गौवंश संरक्षण के लिए निरंतर कार्य कर रही है और आगे भी यह अभियान जारी रहेगा।

उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को बिजनौर में आयोजित एक जनसभा के दौरान भी गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की मांग पर टिप्पणी करते हुए कहा था कि गाय को भारतीय समाज माता के रूप में मानता है और मां को किसी अतिरिक्त दर्जे की आवश्यकता नहीं होती। उन्होंने कहा था कि गाय के प्रति सम्मान और संरक्षण की भावना ही सबसे महत्वपूर्ण है।

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