बिजनौर/लखनऊ, 1 जून 2026। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को पाकिस्तान से विस्थापित 1645 परिवारों, पूर्व सैनिकों और पट्टेदारों को भूमि स्वामित्व अधिकार प्रमाण-पत्र वितरित किए। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि बिजनौर महाभारत काल की पावन धरती है, जिसने इतिहास को बनते और बदलते देखा है तथा धर्म की रक्षा के लिए सदैव प्रेरणा दी है।
अफजलगढ़ क्षेत्र में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि धर्म की स्थापना और उसकी रक्षा के लिए केवल उपदेश ही नहीं, बल्कि आवश्यक होने पर सुदर्शन चक्र जैसी शक्ति भी जरूरी होती है। उन्होंने भारतीय संस्कृति और सनातन परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि धर्म की रक्षा करने वालों की धर्म स्वयं रक्षा करता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विभाजन और उसके बाद की परिस्थितियों में पाकिस्तान से आए हजारों परिवारों को अपनी पैतृक संपत्तियां छोड़नी पड़ी थीं। वर्षों तक इन परिवारों को भूमि स्वामित्व का अधिकार नहीं मिल पाया और उनकी समस्याएं अनसुलझी रहीं।
उन्होंने कहा, “पाकिस्तान से आए जिन परिवारों की पुश्तैनी संपत्तियों पर कब्जा हो गया था, उन्हें दशकों तक न्याय नहीं मिला। आज चौथी पीढ़ी में हमारी सरकार ने उन्हें उनकी जमीनों का मालिकाना हक दिलाने का कार्य किया है।”
योगी आदित्यनाथ ने बताया कि इस अभियान के तहत 1645 परिवारों को भूमि स्वामित्व अधिकार प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए हैं, जिससे लगभग 8 से 10 हजार लोगों को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि अब ये परिवार अपनी भूमि के वैध मालिक बन गए हैं और उन्हें कानूनी सुरक्षा भी प्राप्त होगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार समाज के प्रत्येक वर्ग को न्याय दिलाने और उनके अधिकार सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने इसे सामाजिक न्याय और सुशासन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताते हुए कहा कि जिन लोगों को वर्षों तक अधिकारों से वंचित रखा गया, उन्हें अब सम्मान और सुरक्षा के साथ उनका हक दिया जा रहा है।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लाभार्थी परिवारों के साथ जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी भी उपस्थित रहे।
