कंस पासी किला और शिव मंदिर के संरक्षण की मांग, लाखन आर्मी ने सांसद आरके चौधरी को सौंपा ज्ञापन

लखनऊ, 1 जून 2026 (यूएनएस)। लखनऊ के मलिहाबाद क्षेत्र स्थित कसमंडी कलां गांव में कंस पासी किला और शिव मंदिर के संरक्षण को लेकर लाखन आर्मी ने अपनी मुहिम तेज कर दी है। सोमवार को संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष सूरज पासी के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने मोहनलालगंज के सांसद रामकृष्ण चौधरी से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा और ऐतिहासिक धरोहर के संरक्षण की मांग उठाई।

ज्ञापन में कसमंडी कलां स्थित कंस पासी किला और शिव मंदिर परिसर का पुरातात्विक सर्वेक्षण कराने, उसे संरक्षित विरासत स्थल घोषित करने तथा राजपासी राजा कंस के इतिहास को उचित सम्मान दिलाने की मांग की गई है। संगठन का कहना है कि राजा कंस ने विदेशी आक्रांताओं के खिलाफ संघर्ष करते हुए अवध की संस्कृति, धर्म और स्वाभिमान की रक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी और उनका किला आज भी उस गौरवशाली इतिहास का प्रतीक है।

सूरज पासी ने कहा कि संगठन के प्रयासों के बाद किला परिसर में नमाज अदा करने पर रोक लगाने की कार्रवाई तो हुई, लेकिन अब तक स्थल का वैज्ञानिक और पुरातात्विक सर्वेक्षण नहीं कराया गया है। उनका कहना है कि सर्वेक्षण के अभाव में किले के वास्तविक ऐतिहासिक महत्व को आधिकारिक मान्यता नहीं मिल पाई है।

ज्ञापन में सांसद से इस मुद्दे को संसद में उठाने तथा केंद्र और राज्य सरकार का ध्यान आकर्षित करने की मांग की गई है। संगठन ने किला परिसर में राजपासी राजा कंस की आदमकद प्रतिमा स्थापित करने, उनके जीवन और संघर्षों को प्रदर्शित करने के लिए एक स्मृति स्थल या इंटरप्रिटेशन सेंटर विकसित करने का भी प्रस्ताव रखा है।

लाखन आर्मी ने यह भी मांग की कि राजा कंस के इतिहास और विदेशी आक्रांताओं के खिलाफ उनके संघर्ष को विद्यालयों, महाविद्यालयों और विश्वविद्यालयों के पाठ्यक्रम में शामिल किया जाए, ताकि नई पीढ़ी अपने इतिहास और सांस्कृतिक विरासत से परिचित हो सके।

संगठन ने ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया कि विरासत संरक्षण की मांग को लेकर आंदोलन करने वाले कई कार्यकर्ताओं को पुलिस कार्रवाई का सामना करना पड़ा है। ऐसे मामलों की समीक्षा कर संवेदनशील दृष्टिकोण अपनाने की मांग भी की गई।

सांसद से मुलाकात के बाद मीडिया से बातचीत में सूरज पासी ने नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि पासी समाज को अपने प्रतिनिधियों से अपेक्षाओं पर विचार करना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि समाज के इतिहास और राजा कंस के योगदान को अपेक्षित मंच नहीं मिल सका है। उन्होंने कहा कि समाज की ऐतिहासिक पहचान और विरासत के संरक्षण के लिए संघर्ष आगे भी जारी रहेगा।

लाखन आर्मी ने उम्मीद जताई कि सांसद रामकृष्ण चौधरी इस विषय को संसद और अन्य संबंधित मंचों पर उठाकर कंस पासी किला और शिव मंदिर के संरक्षण की दिशा में प्रभावी पहल करेंगे।

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