आत्मनिर्भरता की दिशा में तेजी से बढ़ रहा भारत का रक्षा क्षेत्र : राजनाथ सिंह

लखनऊ, 30 मई 2026 (यूएनएस)। रक्षा मंत्री एवं लखनऊ के सांसद राजनाथ सिंह ने कहा है कि भारत का रक्षा क्षेत्र तेजी से आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रहा है और देश अब रक्षा उपकरणों के आयातक से निर्यातक राष्ट्र के रूप में अपनी मजबूत पहचान बना रहा है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2014 में देश का कुल रक्षा उत्पादन जहां 46 हजार करोड़ रुपये था, वहीं जून 2026 तक इसके बढ़कर लगभग पौने दो लाख करोड़ रुपये तक पहुंचने की संभावना है।

लखनऊ में नौसेना शौर्य वाटिका के लोकार्पण समारोह को संबोधित करते हुए रक्षा मंत्री ने कहा कि पिछले एक दशक में रक्षा क्षेत्र में अभूतपूर्व परिवर्तन देखने को मिला है। उन्होंने कहा कि 2014 से पहले भारत मुख्य रूप से रक्षा उपकरणों के आयात के लिए जाना जाता था और उस समय रक्षा निर्यात का आंकड़ा एक हजार करोड़ रुपये से भी कम था। आज यही निर्यात बढ़कर 40 हजार करोड़ रुपये तक पहुंच गया है, जो देश की बढ़ती तकनीकी क्षमता और आत्मनिर्भरता का प्रमाण है।

रक्षा उत्पादन जल्द पहुंचेगा पौने दो लाख करोड़ रुपये, निर्यात 40 हजार करोड़ के पार

राजनाथ सिंह ने कहा कि केंद्र सरकार की नीतियों और रक्षा क्षेत्र में किए गए सुधारों के कारण देश में स्वदेशी रक्षा उत्पादन को नई गति मिली है। उन्होंने कहा कि पिछले दस वर्षों में किए गए प्रयासों का परिणाम अब स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। रक्षा उत्पादन लगातार बढ़ रहा है और भारतीय कंपनियां आधुनिक सैन्य उपकरणों के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।

उन्होंने कहा कि इस उपलब्धि में उत्तर प्रदेश, विशेष रूप से लखनऊ का भी महत्वपूर्ण योगदान है। उत्तर प्रदेश की धरती लंबे समय से देश की रक्षा सेवाओं में अपने योगदान के लिए जानी जाती रही है। यहां के जवानों ने हर युद्ध और सैन्य अभियान में बहादुरी का परिचय दिया है। अब प्रदेश रक्षा उत्पादन के क्षेत्र में भी नई पहचान स्थापित कर रहा है।

रक्षा मंत्री ने बताया कि लखनऊ में रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) की प्रयोगशालाएं स्थापित की गई हैं, जहां अत्याधुनिक तकनीकों पर काम किया जा रहा है। इसके साथ ही उत्तर प्रदेश रक्षा औद्योगिक गलियारा (डिफेंस कॉरिडोर) देश को रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

उन्होंने कहा कि लखनऊ में ब्रह्मोस मिसाइल निर्माण परियोजना पर भी तेजी से कार्य चल रहा है। यह परियोजना न केवल प्रदेश के औद्योगिक विकास को गति देगी, बल्कि भारत की सामरिक शक्ति को भी और मजबूत बनाएगी। राजनाथ सिंह ने विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले वर्षों में भारत रक्षा उत्पादन और निर्यात के क्षेत्र में विश्व के प्रमुख देशों में शामिल होगा।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को साकार करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है और स्वदेशी तकनीक तथा नवाचार के बल पर भारत वैश्विक रक्षा बाजार में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज करा रहा है।

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