लखनऊ, 29 मई (यूएनएस)। राजधानी लखनऊ के पीजीआई थाना क्षेत्र में रायबरेली रोड स्थित कल्ली पश्चिम चौकी के पास हुए चर्चित बिल्डर संदीप सिंह हत्याकांड की जांच में बड़ा खुलासा सामने आया है। पुलिस और क्राइम ब्रांच की जांच अब पूर्वांचल के पेशेवर शूटरों पर केंद्रित हो गई है। सूत्रों के मुताबिक, इस सनसनीखेज वारदात में पूर्वांचल के शातिर शूटरों के शामिल होने की प्रबल आशंका जताई जा रही है।
आरोपियों की तलाश में लखनऊ पुलिस की कई टीमें गाजीपुर, जौनपुर और वाराणसी समेत पूर्वांचल के कई जिलों में लगातार ताबड़तोड़ दबिश दे रही हैं।
10 टीमें जांच में जुटीं, सीसीटीवी से मिले अहम सुराग
हाई-प्रोफाइल हत्याकांड की गुत्थी सुलझाने के लिए क्राइम ब्रांच, सर्विलांस और स्थानीय पुलिस की कुल 10 विशेष टीमें गठित की गई हैं। पुलिस सूत्रों के अनुसार, घटनास्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज से जांच एजेंसियों को कुछ महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं।
इसके साथ ही पुलिस पूर्वांचल के कई सक्रिय माफियाओं और उनके शूटरों की गतिविधियों की भी गहन पड़ताल कर रही है, ताकि हत्या के पीछे की साजिश और मुख्य आरोपियों तक पहुंचा जा सके।
किसान पथ के रास्ते फरार हुए बदमाश
सर्विलांस टीम की जांच में पता चला है कि हत्या को अंजाम देने के बाद बदमाश पीजीआई इलाके से रायबरेली रोड होते हुए किसान पथ की तरफ भागे थे। इसी आधार पर पुलिस अब किसान पथ और उससे जुड़े टोल प्लाजा के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को खंगाल रही है।
साइबर और सर्विलांस टीमें शूटरों की मोबाइल लोकेशन, भागने के रूट और उनके संपर्कों को ट्रेस करने में जुटी हुई हैं। पुलिस अधिकारियों का दावा है कि जांच तेजी से आगे बढ़ रही है और जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
पुलिस के रडार पर पूर्वांचल के शूटर
सूत्रों के अनुसार, पुलिस पूर्वांचल के कई कुख्यात शूटरों की कुंडली खंगाल रही है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने में जुटी हैं कि हत्या किसी पुरानी रंजिश, कारोबारी विवाद या फिर सुपारी किलिंग का हिस्सा थी।
फिलहाल पूरे मामले को लेकर पुलिस आधिकारिक तौर पर ज्यादा जानकारी साझा करने से बच रही है, लेकिन जांच एजेंसियों की सक्रियता से यह साफ है कि हत्याकांड के तार बड़े आपराधिक नेटवर्क से जुड़े हो सकते हैं।
