भीषण गर्मी के बीच बिजली कटौती पर योगी सरकार सख्त, दो अधिशासी अभियंता निलंबित

लखनऊ, 23 मई 2026 (यूएनएस)। उत्तर प्रदेश में भीषण गर्मी और लगातार बढ़ती बिजली मांग के बीच हो रही अघोषित कटौती पर योगी सरकार ने सख्त कार्रवाई की है। ट्रांसमिशन कॉरपोरेशन ने लापरवाही के आरोप में दो अधिशासी अभियंताओं को निलंबित कर दिया है, जबकि एक अधीक्षण अभियंता को विशेष प्रतिकूल प्रविष्टि और एक मुख्य अभियंता को चेतावनी दी गई है।

ट्रांसमिशन कॉरपोरेशन के प्रबंध निदेशक मयूर माहेश्वरी ने बताया कि 220 केवी मुरादनगर-बापूधाम लाइन पर टावर संख्या 226 की डेड एंड फिटिंग टूटने से मधुबन बापूधाम उपकेंद्र पर लंबे समय तक बिजली आपूर्ति बाधित रही। उन्होंने कहा कि बापूधाम उपकेंद्र आठ मई से ही ब्रेकडाउन की स्थिति में था और केवल एक स्रोत से संचालित हो रहा था, लेकिन भीषण हीटवेव के बावजूद वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की गई।

इस मामले में गाजियाबाद के अधिशासी अभियंता राहुल और मेरठ के अधिशासी अभियंता योगेश कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। अधीक्षण अभियंता रामानंद को विशेष प्रतिकूल प्रविष्टि दी गई है, जिसे उनकी चरित्र पंजिका में दर्ज किया जाएगा। वहीं मुख्य अभियंता सत्येंद्र सिंह को चेतावनी जारी की गई है।

प्रदेश में तापमान लगातार बढ़ने से बिजली की मांग 30 हजार मेगावाट के पार पहुंच गई है। ऐसे में बिजली कटौती को लेकर कई जिलों में प्रदर्शन हुए हैं और भाजपा विधायकों ने भी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तथा ऊर्जा मंत्री अरविंद कुमार शर्मा को पत्र लिखकर शिकायतें की हैं।

लखनऊ पूर्व से भाजपा विधायक ओपी श्रीवास्तव ने इंदिरा नगर, मुंशीपुलिया, लक्ष्मणपुरी, निशातगंज, कल्याणपुर, महानगर और गोमती नगर समेत कई इलाकों में अघोषित कटौती का मुद्दा उठाया। इससे पहले सरोजनीनगर विधायक राजेश्वर सिंह और लखनऊ उत्तर के विधायक नीरज बोरा भी बिजली संकट को लेकर पत्र लिख चुके हैं। ऊंचाहार विधायक मनोज पांडेय ने भी आंधी से क्षतिग्रस्त बिजली तंत्र पर चिंता जताई थी।

विपक्ष ने भी बिजली संकट को लेकर सरकार पर निशाना साधा है। बहुजन समाज पार्टी प्रमुख मायावती ने कहा कि भीषण गर्मी में कम आपूर्ति और कटौती से गरीब, किसान, छोटे व्यापारी और मध्यम वर्ग का जीवन कष्टदायक हो गया है। वहीं अखिलेश यादव  ने आरोप लगाया कि बिजली की मांग और दाम दोनों बढ़ रहे हैं, लेकिन आपूर्ति नहीं बढ़ रही।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय  ने सरकार से वर्ष 2017 से पहले और उसके बाद की बिजली उत्पादन क्षमता पर श्वेत पत्र जारी करने की मांग की।

ऊर्जा मंत्री अरविंद शर्मा ने कहा कि प्रदेश में बिजली की मांग ऐतिहासिक स्तर पर पहुंच गई है। उन्होंने कहा कि 2012 से 2017 के बीच जहां औसत मांग करीब 13 हजार मेगावाट थी, वहीं अब यह 30 हजार मेगावाट से अधिक हो गई है और सरकार पूरी मांग पूरी करने का प्रयास कर रही है।

इस बीच मध्यांचल विद्युत वितरण निगम ने भीषण गर्मी और बढ़ते कार्यभार को देखते हुए 30 जून तक बायोमैट्रिक उपस्थिति नियमों में अस्थायी राहत देने का फैसला किया है। लखनऊ में कार्यरत एक्सईएन, एसडीओ, जूनियर इंजीनियर और संविदा कर्मचारियों को फिलहाल बायोमैट्रिक हाजिरी से छूट दी गई है ताकि बिजली आपूर्ति व्यवस्था सुचारू बनी रहे।

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