राजस्व वसूली में कमी पर डीएम दिखीं सख्त, अपर मुख्य वन अधिकारी को लगाई फटकार

उन्नाव, 12 मई 2026 (यूएनएस)। जिलाधिकारी घनश्याम मीना की अध्यक्षता में मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभागार में कर एवं करेत्तर राजस्व वसूली कार्यों की समीक्षा बैठक हुई। बैठक में विभिन्न विभागों की लक्ष्य के सापेक्ष राजस्व वसूली की स्थिति पर चर्चा की गई। जिलाधिकारी ने कम वसूली वाले विभागों पर नाराजगी व्यक्त करते हुए शत-प्रतिशत राजस्व वसूली सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

समीक्षा के दौरान आबकारी, ऊर्जा, वन, खनन, परिवहन, मंडी, सिंचाई कर, नगर निकाय और स्टाम्प सहित कई विभागों की वसूली संतोषजनक नहीं पाई गई। जिलाधिकारी ने विशेष रूप से वन विभाग की खराब राजस्व वसूली पर नाराजगी जताई। अपर मुख्य वन अधिकारी को फटकार लगाते हुए कहा, “विभाग द्वारा अपेक्षित कार्य नहीं किया जा रहा है।”

जिलाधिकारी ने वन विभाग को रणनीति बनाकर अभियान चलाने और लक्ष्य के अनुरूप वसूली सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, अन्यथा कठोर कार्रवाई की चेतावनी दी। इसी प्रकार वाणिज्य कर, ऊर्जा, विद्युत और खनन विभाग की कम वसूली पर भी असंतोष व्यक्त किया गया।

संभागीय परिवहन अधिकारी को ओवरलोडिंग और अवैध खनिज परिवहन करने वाले वाहनों के खिलाफ विशेष अभियान चलाकर सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने अब तक जारी नोटिसों, दर्ज एफआईआर और बंद किए गए वाहनों की विस्तृत रिपोर्ट मांगी और इस संबंध में अलग से बैठक करने को कहा।

जिला खनिज अधिकारी को अवैध खनन पर लगातार कार्रवाई करने और गहन चेकिंग अभियान चलाने के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि किसी भी हालत में अवैध खनन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और राजस्व लक्ष्य को हर हाल में पूरा किया जाए।

बैठक में तहसील न्यायालयों में लंबित वादों की भी समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने धारा 24, 34, 67 और 38 के मामलों के शीघ्र निस्तारण के लिए अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसी भी न्यायालय में तीन वर्ष और पांच वर्ष से अधिक पुराने वाद लंबित नहीं रहने चाहिए।

इसके अतिरिक्त, जिलाधिकारी ने सभी तहसीलों में बड़े बकाएदारों की सूची की समीक्षा करते हुए अभियान चलाकर राजस्व जमा कराने को कहा। उन्होंने उपजिलाधिकारियों और राजस्व अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसी भी बकाएदार को बख्शा न जाए और वसूली में कोई ढिलाई न बरती जाए।

जिलाधिकारी ने भूमि विवाद और भू-माफियाओं के मामलों पर भी सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि जमीन के कारोबार में संलिप्त भू-माफियाओं के खिलाफ कड़ी धाराओं में मुकदमे दर्ज किए जाएं। उन्होंने आईजीआरएस शिकायतों के त्वरित निस्तारण पर भी जोर दिया और कहा कि सभी तहसीलें टॉप-10 में स्थान बनाए रखें।

बैठक में अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व सुशील कुमार गोंड, न्यायिक अमिताभ यादव, उपजिलाधिकारी सदर, हसनगंज, पुरवा, बांगरमऊ सहित संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

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