तमिलनाडु में ‘विजय सरकार’ पर सस्पेंस बरकरार, बहुमत से दो कदम दूर TVK; राजभवन में देर रात तक चला मंथन

चेन्नई। तमिलनाडु में नई सरकार के गठन को लेकर जारी राजनीतिक सस्पेंस शुक्रवार को और गहरा गया। अभिनेता से नेता बने सी जोसेफ विजय की ताजपोशी फिलहाल टलती नजर आ रही है। तमिलगा वेत्री कझगम (टीवीके) के पास अभी स्पष्ट बहुमत नहीं होने के कारण राज्यपाल ने सरकार गठन पर तत्काल फैसला लेने से इनकार कर दिया है।

सूत्रों के अनुसार, शुक्रवार शाम विजय ने चेन्नई स्थित राजभवन पहुंचकर राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर से मुलाकात की और सरकार बनाने का दावा पेश किया। यह पिछले तीन दिनों में उनकी तीसरी मुलाकात थी। विजय ने कांग्रेस, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) के समर्थन पत्र भी राज्यपाल को सौंपे।

हालांकि, संभावित सहयोगी माने जा रहे वीसीके और आईयूएमएल ने अभी तक लिखित समर्थन नहीं दिया है। राजभवन सूत्रों का कहना है कि बिना स्पष्ट कागजी बहुमत के सरकार गठन की अनुमति नहीं दी जा सकती।

बहुमत के आंकड़े से अभी भी दूर

23 अप्रैल को घोषित विधानसभा चुनाव परिणामों में टीवीके 108 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी थी। तमिलनाडु विधानसभा में बहुमत के लिए 118 विधायकों का समर्थन जरूरी है। फिलहाल विजय के पास केवल 116 विधायकों का लिखित समर्थन बताया जा रहा है।

राजभवन से जुड़े सूत्रों ने साफ संकेत दिया है कि जब तक 118 का आंकड़ा पूरा नहीं होता, तब तक शनिवार या रविवार को शपथ ग्रहण संभव नहीं है। इसी वजह से टीवीके नेतृत्व छोटे दलों और निर्दलीय विधायकों को अपने पक्ष में लाने की कोशिशों में जुटा हुआ है।

हॉर्स ट्रेडिंग के आरोप से बढ़ी सियासी गर्मी

राजनीतिक घटनाक्रम के बीच टीटीवी दिनकरण ने बड़ा आरोप लगाते हुए दावा किया कि उनकी पार्टी का एकमात्र विधायक कामराज लापता है। दिनकरण ने राज्यपाल से मुलाकात कर आशंका जताई कि टीवीके विधायकों की खरीद-फरोख्त यानी हॉर्स ट्रेडिंग में लगी हुई है।

उन्होंने कहा कि विधायक कामराज हाल तक पुडुचेरी में एआईएडीएमके विधायकों के साथ मौजूद थे, लेकिन अब उनका फोन बंद है और उनसे संपर्क नहीं हो पा रहा है।

एआईएडीएमके ने भी ठोका दावा

उधर अखिल भारतीय अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (एआईएडीएमके) ने भी सरकार गठन पर अपना दावा पेश कर दिया है, जिससे राज्य की राजनीति और अधिक उलझ गई है।

विजय के साथ राजभवन में पार्टी के वरिष्ठ नेता एन आनंद और केए सेंगोट्टायन भी मौजूद रहे। फिल्म निर्माता वेंकट के नारायण भी उनके साथ दिखाई दिए।

हालांकि शुक्रवार की बैठक पहले की तुलना में अधिक सकारात्मक माहौल में हुई, लेकिन संवैधानिक और राजनीतिक संकट अभी भी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। तमिलनाडु में अगले 24 घंटे सरकार गठन की दिशा तय करने वाले माने जा रहे हैं।

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