कोलकाता। शुभेंदु अधिकारी पश्चिम बंगाल के अगले मुख्यमंत्री होंगे। शुक्रवार को कोलकाता में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की मौजूदगी में हुई भाजपा विधायक दल की बैठक में उनके नाम पर सर्वसम्मति से मुहर लग गई। विधायक दल ने शुभेंदु अधिकारी को अपना नेता चुन लिया, जिसके बाद अमित शाह ने औपचारिक रूप से उनके नाम की घोषणा की।
भाजपा विधायक दल की बैठक के बाद अमित शाह ने कहा, “अभी कुछ समय पहले ही चुनाव प्रक्रिया पूरी हुई है। लगभग आठ प्रस्ताव और समर्थन प्राप्त हुए और सभी एक ही नाम के थे। दूसरे नाम के लिए भी समय दिया गया, लेकिन कोई दूसरा नाम सामने नहीं आया।”
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने ऐतिहासिक प्रदर्शन करते हुए 294 सदस्यीय सदन में 207 सीटें जीतकर पहली बार पूर्ण बहुमत हासिल किया है। वहीं तृणमूल कांग्रेस 80 सीटों पर सिमट गई।
शुभेंदु अधिकारी ने इस चुनाव में दो सीटों से चुनाव लड़ा और दोनों पर जीत दर्ज की। नंदीग्राम के अलावा उन्होंने भवानीपुर सीट पर भी जीत हासिल की, जहां उन्होंने ममता बनर्जी को 15 हजार से अधिक मतों से पराजित किया। इससे पहले पिछले विधानसभा चुनाव में भी शुभेंदु अधिकारी ने नंदीग्राम सीट पर ममता बनर्जी को हराया था।
अमित शाह शुक्रवार सुबह नेताजी सुभाष चंद्र बोस अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा पहुंचे, जहां शुभेंदु अधिकारी समेत भाजपा नेताओं ने उनका स्वागत किया। वहां से वह न्यू टाउन स्थित होटल पहुंचे और बाद में विश्व बांग्ला कन्वेंशन सेंटर में आयोजित विधायक दल की बैठक में शामिल हुए।
शनिवार को कोलकाता के ब्रिगेड परेड ग्राउंड में भव्य शपथ ग्रहण समारोह आयोजित होगा। समारोह में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन तथा राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) शासित राज्यों के मुख्यमंत्री और वरिष्ठ नेता शामिल होंगे।
इससे पहले पश्चिम बंगाल के राज्यपाल आरएन रवि ने विधानसभा चुनाव संपन्न होने के बाद गुरुवार को राज्य विधानसभा भंग कर दी थी। संविधान के अनुच्छेद 174 के तहत जारी अधिसूचना के साथ ही ममता बनर्जी मंत्रिपरिषद का कार्यकाल समाप्त हो गया और नई सरकार के गठन का रास्ता साफ हो गया।
राजनीतिक हलकों में यह भी चर्चा रही कि चुनाव में हार के बावजूद ममता बनर्जी ने तत्काल इस्तीफा नहीं दिया था। सामान्यतः विधानसभा चुनाव परिणाम आने के बाद निवर्तमान सरकार राज्यपाल को इस्तीफा सौंपती है और नई सरकार के गठन तक कार्यवाहक रूप में काम करती है।
भाजपा की इस जीत को पश्चिम बंगाल की राजनीति में बड़ा बदलाव माना जा रहा है, क्योंकि राज्य में पहली बार भाजपा अपने दम पर सरकार बनाने जा रही है।
