नोएडा। नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा से घरेलू उड़ानों के लिए टिकट बुकिंग शुरू होने के साथ ही एयरपोर्ट प्रबंधन ने भविष्य में बढ़ने वाले हवाई यातायात को देखते हुए अपनी क्षमता विस्तार की तैयारी भी तेज कर दी है। वर्तमान में एयरपोर्ट की हवाई पट्टी पर एक घंटे में 12 विमान टेक-ऑफ और लैंडिंग कर सकते हैं, लेकिन अब इस क्षमता को बढ़ाकर 20 विमान प्रति घंटा करने की योजना पर काम शुरू हो गया है।
यमुना इंटरनेशनल एयरपोर्ट प्राइवेट लिमिटेड के अधिकारियों के अनुसार पहले चरण में तैयार हवाई पट्टी का उपयोग घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दोनों प्रकार की उड़ानों के लिए किया जाएगा। शुरुआती दिनों में विमानों की संख्या सीमित रहेगी, लेकिन आने वाले महीनों में उड़ानों का दबाव तेजी से बढ़ने की संभावना है।
अधिकारियों ने बताया कि लॉन्च कैरियर के रूप में इंडिगो अपनी सेवाएं शुरू करेगी। इसके अलावा अकासा एयर और एयर इंडिया एक्सप्रेस भी जल्द अपने उड़ान शेड्यूल जारी कर सकती हैं। सितंबर से अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के संचालन की भी तैयारी की जा रही है।
एयरपोर्ट प्रबंधन से जुड़े अधिकारियों के मुताबिक फिलहाल हवाई पट्टी और एयर ट्रैफिक कंट्रोल (एटीसी) पर लगाए गए उपकरणों की मदद से एक घंटे में 12 विमानों की आवाजाही नियंत्रित की जा सकती है। हालांकि कुछ अतिरिक्त उपकरणों के लिए अभी जरूरी अनुमति और अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) मिलने बाकी हैं। जैसे ही यह प्रक्रिया पूरी होगी, अतिरिक्त तकनीकी प्रणाली सक्रिय कर दी जाएगी, जिससे क्षमता बढ़कर 20 विमान प्रति घंटा हो जाएगी।
अधिकारियों ने बताया कि एयरपोर्ट संचालन को सुचारू बनाने के लिए आगरा के एयर स्पेस के उपयोग की भी अनुमति दी गई है। चूंकि वहां फिलहाल हवाई यातायात अपेक्षाकृत कम है, इसलिए नोएडा एयरपोर्ट आने वाले विमानों को लैंडिंग के लिए अधिक इंतजार नहीं करना पड़ेगा।
विशेषज्ञों के अनुसार इससे विमानन कंपनियों को एविएशन टर्बाइन फ्यूल की बचत होगी और परिचालन लागत कम होगी। साथ ही यात्रियों को भी समय की बचत और बेहतर यात्रा सुविधा मिल सकेगी।
नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को देश के सबसे आधुनिक और बड़े हवाई अड्डों में शामिल करने की तैयारी की जा रही है। माना जा रहा है कि इसके शुरू होने से दिल्ली-एनसीआर और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हवाई संपर्क को बड़ी मजबूती मिलेगी।
