लखनऊ, 07 मई 2026। योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को लोकभवन में आयोजित भव्य समारोह में विभिन्न विभागों के चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र वितरित किए। कार्यक्रम में निष्पक्ष और पारदर्शी चयन प्रक्रिया के तहत चयनित अभ्यर्थियों को सरकारी सेवा में नियुक्ति दी गई।
इस अवसर पर उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग और उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के माध्यम से चयनित आयुष विभाग के 202 प्रोफेसर, रीडर, चिकित्सा अधिकारी और स्टाफ नर्स, व्यावसायिक शिक्षा विभाग के 272 अनुदेशक तथा दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग के 7 नर्स, हॉस्टल वार्डन और कंपाउंडर को नियुक्ति पत्र सौंपे गए।
समारोह का शुभारंभ मुख्यमंत्री के स्वागत एवं अभिनंदन के साथ हुआ। व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल और प्रमुख सचिव डॉ. हरिओम ने मुख्यमंत्री को पुष्पगुच्छ और स्मृति चिन्ह भेंट किए।
कार्यक्रम का विशेष आकर्षण आईटीआई विद्यार्थियों द्वारा तैयार किया गया ‘ब्रह्मोस’ मिसाइल मॉडल रहा, जिसे मुख्यमंत्री को भेंट किया गया। इस मॉडल को समारोह में उपस्थित लोगों ने खूब सराहा।
कपिल देव अग्रवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश की भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी, निष्पक्ष और भ्रष्टाचारमुक्त बनी है। उन्होंने कहा कि पहले युवाओं को नौकरी के लिए सिफारिश और दलालों का सहारा लेना पड़ता था, लेकिन अब युवा अपनी प्रतिभा और मेहनत के दम पर चयनित हो रहे हैं।
उन्होंने बताया कि वर्तमान सरकार अब तक 9 लाख से अधिक युवाओं को पारदर्शी तरीके से सरकारी नौकरियां दे चुकी है। साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश तेजी से एक ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
मंत्री ने कहा कि कौशल विकास एवं व्यावसायिक शिक्षा विभाग द्वारा अब तक लगभग 14 लाख युवाओं को प्रशिक्षण दिया गया है और 7.5 लाख से अधिक युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराया गया है। आईटीआई संस्थानों में सोलर टेक्नोलॉजी, एविएशन, थ्रीडी प्रिंटिंग और इलेक्ट्रिक व्हीकल जैसे आधुनिक ट्रेड्स में प्रशिक्षण देकर युवाओं को भविष्य के लिए तैयार किया जा रहा है।
कार्यक्रम में चयनित अभ्यर्थियों ने भी अपने अनुभव साझा किए। गाजीपुर निवासी अमित थापा ने कहा कि सरकार की पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया से युवाओं का विश्वास मजबूत हुआ है। वहीं चंदौली की अर्चना मौर्य ने नियुक्ति पत्र को प्रदेश निर्माण में सहभागी बनने का अवसर बताया।
