कोलकाता, 05 मई 2026। भारतीय जनता पार्टी की प्रचंड जीत के बाद पश्चिम बंगाल में नई सरकार के गठन को लेकर सरगर्मियां तेज हो गई हैं। सबसे बड़ा सवाल अब मुख्यमंत्री के चेहरे को लेकर बना हुआ है, जिस पर पार्टी नेतृत्व मंथन कर रहा है।
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने बड़ा संकेत देते हुए कहा कि राज्य में नई सरकार का शपथ ग्रहण समारोह 9 मई को आयोजित किया जा सकता है। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री के नाम की आधिकारिक घोषणा अभी नहीं की गई है और जल्द ही इस पर फैसला लिया जाएगा।
भट्टाचार्य ने चुनाव में भागीदारी के लिए मतदाताओं की सराहना करते हुए कहा कि देश-विदेश से लोगों ने मतदान के लिए आकर लोकतंत्र के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दिखाई। उन्होंने प्रवासी भारतीयों और मजदूरों को “लोकतंत्र का सच्चा प्रहरी” बताया।
उन्होंने कहा कि पार्टी का लक्ष्य सिर्फ सरकार बनाना नहीं, बल्कि राज्य के राजनीतिक और सामाजिक माहौल में व्यापक बदलाव लाना है। “हम बंगाल में संतुलित और समावेशी वातावरण स्थापित करना चाहते हैं,” उन्होंने कहा।
भाजपा ने ‘डबल इंजन सरकार’ के अपने विजन को दोहराते हुए कहा कि केंद्र और राज्य के समन्वय से विकास को गति दी जाएगी। इस दिशा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह की भूमिका अहम बताई गई।
चुनाव परिणामों की बात करें तो 294 सदस्यीय विधानसभा में भाजपा ने 206 सीटें जीतकर स्पष्ट बहुमत हासिल किया है। वहीं, तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) को इस बार बड़ा झटका लगा और वह 80 सीटों पर सिमट गई।
राज्य में चुनाव दो चरणों में संपन्न हुए थे—23 अप्रैल को 152 सीटों पर और 29 अप्रैल को 142 सीटों पर मतदान हुआ। चुनाव आयोग के अनुसार, पहले चरण में 93.19% और दूसरे चरण में 92.67% मतदान दर्ज किया गया। कुल मिलाकर 92.93% मतदान के साथ यह चुनाव रिकॉर्ड स्तर की जनभागीदारी वाला रहा।
अब नजरें भाजपा नेतृत्व के उस फैसले पर टिकी हैं, जिसमें मुख्यमंत्री के नाम की घोषणा होगी। नई सरकार के सामने विकास, रोजगार, कानून-व्यवस्था और बुनियादी सुविधाओं को लेकर किए गए वादों को जमीन पर उतारने की बड़ी चुनौती होगी।
