विश्वस्तरीय और बहुउद्देश्यीय बस टर्मिनल के रूप में विकसित होंगे स्टेशन: दयाशंकर सिंह

लखनऊ, 2026। उत्तर प्रदेश में परिवहन सुविधाओं को आधुनिक बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए राज्य सरकार ने फेज-2 के तहत 49 बस स्टेशनों के पुनर्विकास को मंजूरी दे दी है। परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने बताया कि इस परियोजना के लिए शीघ्र ही कार्रवाई शुरू की जाएगी और निविदाएं आमंत्रित की जाएंगी।

उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम द्वारा पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल पर इस महत्वाकांक्षी योजना को लागू किया जाएगा। इसके तहत प्रदेश के विभिन्न प्रमुख जनपदों में स्थित बस स्टेशनों को आधुनिक, विश्वस्तरीय और बहुउद्देश्यीय बस टर्मिनल के रूप में विकसित किया जाएगा।

परिवहन मंत्री के अनुसार, इन बस टर्मिनलों में यात्री सुविधाओं को प्राथमिकता देते हुए स्वच्छता, सुरक्षा और डिजिटल सूचना प्रणाली की मजबूत व्यवस्था की जाएगी। साथ ही सुव्यवस्थित पार्किंग, वाणिज्यिक परिसर और अन्य सहायक सेवाएं भी विकसित की जाएंगी। परियोजना के अंतर्गत स्मार्ट और टिकाऊ अवसंरचना के निर्माण पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

उन्होंने बताया कि इस योजना से प्रदेश में रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे, आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा और शहरी विकास को गति मिलेगी। साथ ही यात्रियों को सुरक्षित, सुविधाजनक और गुणवत्तापूर्ण परिवहन सेवाएं मिल सकेंगी।

पीपीपी मॉडल के तहत विकसित होने वाली इस परियोजना में राज्य सरकार या परिवहन निगम पर प्रत्यक्ष पूंजीगत व्यय का बोझ नहीं पड़ेगा। निजी निवेश के माध्यम से अवसंरचना विकसित की जाएगी, जबकि भूमि का स्वामित्व निगम के पास ही रहेगा। विकास और संचालन का अधिकार चयनित कंसेशनायर को दिया जाएगा।

फेज-2 के लिए केंद्र सरकार के नवीनतम दिशानिर्देशों के अनुरूप बिड डॉक्यूमेंट तैयार किए गए हैं, जिससे निवेशकों के लिए आकर्षक और प्रतिस्पर्धात्मक माहौल बनेगा। तकनीकी और वित्तीय पात्रता मानकों को भी संतुलित रखा गया है।

परिवहन मंत्री ने कहा कि निविदा प्रक्रिया जल्द शुरू कर योग्य डेवलपर्स का चयन पारदर्शी तरीके से किया जाएगा। उन्होंने विश्वास जताया कि यह परियोजना उत्तर प्रदेश में आधुनिक और मजबूत परिवहन अवसंरचना के निर्माण में मील का पत्थर साबित होगी।

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