30 मई तक पूरा करें वेदर स्टेशन का पहला चरण: कृषि मंत्री की सख्त हिदायत

लखनऊ, 07 अप्रैल 2026। उत्तर प्रदेश में किसानों को मौसम की सटीक जानकारी उपलब्ध कराने और फसल बीमा दावों को पारदर्शी व त्वरित बनाने के लिए सरकार ने वेदर इंफॉर्मेशन एंड नेटवर्क डाटा सिस्टम (WINDS) योजना के क्रियान्वयन में तेजी ला दी है। इसी क्रम में कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने समीक्षा बैठक कर अधिकारियों और कार्यदायी संस्था को स्पष्ट निर्देश दिए कि पहले चरण का कार्य हर हाल में 30 मई 2026 तक पूरा किया जाए।

विधान भवन स्थित कार्यालय में आयोजित बैठक में Skymet Weather Services के प्रतिनिधियों के साथ योजना की प्रगति की समीक्षा की गई। मंत्री ने कहा कि किसानों के हितों से जुड़े इस महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

यह योजना प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत संचालित की जा रही है, जिसका उद्देश्य मौसम संबंधी आंकड़ों को सीधे फसल बीमा पोर्टल से जोड़ना है, ताकि प्राकृतिक आपदाओं के दौरान फसलों के नुकसान का आकलन कर किसानों को शीघ्र मुआवजा मिल सके।

पहले चरण में प्रदेश में 86 ऑटोमेटिक वेदर स्टेशन (AWS) और 11,846 ऑटोमेटिक रेन गेज (ARG) स्थापित किए जाने हैं। वहीं, पूरी योजना के तहत ब्लॉक स्तर पर 826 वेदर स्टेशन और ग्राम पंचायत स्तर पर 57,702 रेन गेज लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

वर्तमान में क्लस्टर-1 के अंतर्गत 39 जनपदों में सर्वेक्षण कार्य जारी है। गौतमबुद्ध नगर, लखनऊ, मेरठ और मिर्जापुर में 13 ऑटोमेटिक रेन गेज स्थापित किए जा चुके हैं।

WINDS पोर्टल के माध्यम से एकत्रित डाटा का उपयोग न केवल फसल बीमा दावों के लिए, बल्कि आपदा प्रबंधन, कृषि परामर्श और अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं में भी किया जाएगा। इसके लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 में राज्य सरकार ने 60 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है।

बैठक में कृषि राज्य मंत्री बलदेव सिंह औलख, कृषि विभाग के वरिष्ठ अधिकारी और अन्य संबंधित प्रतिनिधि भी मौजूद रहे।

सरकार की यह पहल किसानों को तकनीक से जोड़ते हुए कृषि क्षेत्र को अधिक सुरक्षित और सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

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