योगी कैबिनेट का बड़ा फैसला: शिक्षामित्रों और अनुदेशकों के मानदेय में ऐतिहासिक बढ़ोतरी

लखनऊ, 07 अप्रैल 2026। उत्तर प्रदेश सरकार ने शिक्षा क्षेत्र से जुड़े लाखों कर्मियों को बड़ी राहत देते हुए शिक्षामित्रों और अंशकालिक अनुदेशकों के मानदेय में ऐतिहासिक वृद्धि का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी दी गई।

कैबिनेट के फैसले के अनुसार, शिक्षामित्रों का मानदेय 10,000 रुपये से बढ़ाकर 18,000 रुपये प्रतिमाह कर दिया गया है, जबकि अंशकालिक अनुदेशकों का मानदेय 9,000 रुपये से बढ़ाकर 17,000 रुपये प्रतिमाह किया गया है। यह बढ़ा हुआ मानदेय 1 अप्रैल 2026 से प्रभावी होगा और इसका भुगतान मई माह से शुरू हो जाएगा।

इस संबंध में जानकारी देते हुए बेसिक शिक्षा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संदीप सिंह ने बताया कि इस निर्णय से प्रदेश के 1.43 लाख से अधिक शिक्षामित्रों और करीब 24 हजार अंशकालिक अनुदेशकों को सीधा लाभ मिलेगा।

उन्होंने बताया कि वर्तमान में प्रदेश में 1,42,929 शिक्षामित्र कार्यरत हैं, जिनमें से अधिकांश का मानदेय अब तक केंद्र और राज्य सरकार के 60:40 अनुपात में संचालित समग्र शिक्षा अभियान के तहत दिया जाता रहा है। मानदेय वृद्धि के चलते इस वर्ग पर आने वाला 1138 करोड़ रुपये से अधिक का अतिरिक्त व्यय अब राज्य सरकार वहन करेगी।

वहीं, शेष शिक्षामित्रों के लिए करीब 119.65 करोड़ रुपये का अतिरिक्त भार भी राज्य सरकार उठाएगी। इसके अलावा, 24,717 अंशकालिक अनुदेशकों के लिए लगभग 217.50 करोड़ रुपये का अतिरिक्त व्यय भी सरकार द्वारा वहन किया जाएगा। कुल मिलाकर इस फैसले से सरकार पर 1475 करोड़ रुपये से अधिक का अतिरिक्त वित्तीय भार आएगा।

प्रदेश के 13,769 उच्च प्राथमिक विद्यालयों में कार्यरत अंशकालिक अनुदेशकों को इस निर्णय से विशेष राहत मिलेगी। सरकार का मानना है कि इससे न केवल शिक्षा कर्मियों का जीवन स्तर बेहतर होगा, बल्कि विद्यालयों में शिक्षण व्यवस्था भी मजबूत होगी।

सरकार के इस फैसले को शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने और शिक्षा कर्मियों के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

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