मुंबई, 24 मार्च । अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान के ऊर्जा बुनियादी ढांचे पर संभावित हमले को अस्थायी रूप से टालने की घोषणा के बाद मंगलवार को स्थानीय शेयर बाजारों में जोरदार तेजी लौटी। प्रमुख सूचकांक बीएसई सेंसेक्स 1,372 अंक उछल गया, जबकि एनएसई निफ्टी में करीब 400 अंक की बढ़त दर्ज की गई।
तीस शेयरों पर आधारित बीएसई सेंसेक्स 1,372.06 अंक (1.89 प्रतिशत) की तेजी के साथ 74,068.45 अंक पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान एक समय यह 1,793 अंक तक चढ़ गया था। वहीं पचास शेयरों पर आधारित एनएसई निफ्टी 399.75 अंक (1.78 प्रतिशत) की बढ़त के साथ 22,912.40 अंक पर बंद हुआ।
सेंसेक्स में शामिल कंपनियों में लार्सन एंड टुब्रो, इंटरग्लोब एविएशन, एशियन पेंट्स, बजाज फाइनेंस और अल्ट्राटेक सीमेंट के शेयर प्रमुख रूप से लाभ में रहे। दूसरी ओर पावर ग्रिड कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया और भारतीय स्टेट बैंक के शेयरों में गिरावट दर्ज की गई।
ट्रंप ने सोशल मीडिया पर कहा कि उन्होंने ईरान को होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने की समयसीमा बढ़ा दी है और ईरानी ऊर्जा ठिकानों पर संभावित हमले को पांच दिन के लिए टाल दिया है। इस घोषणा से वैश्विक स्तर पर जोखिम की आशंकाएं कुछ कम हुईं और निवेशकों का भरोसा बढ़ा।
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, पिछले सत्र की भारी गिरावट के बाद यह उछाल मुख्य रूप से जोखिम धारणा में नरमी और निचले स्तर पर खरीदारी के कारण आया। एशिया के अन्य बाजारों—दक्षिण कोरिया का कॉस्पी, जापान का निक्की, चीन का शंघाई कम्पोजिट और हांगकांग का हैंग सेंग—भी बढ़त के साथ बंद हुए, जबकि यूरोप के प्रमुख बाजार दोपहर के कारोबार में मिश्रित रुख में रहे।
शेयर बाजार में तेजी के कारण निवेशकों की कुल संपत्ति में करीब 7.56 लाख करोड़ रुपये की वृद्धि हुई और यह बढ़कर 4,22,78,312.77 करोड़ रुपये (लगभग 4,500 अरब डॉलर) हो गई।
वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड की कीमत भी 1.96 प्रतिशत बढ़कर 101.9 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गई। वहीं शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने सोमवार को 10,414.23 करोड़ रुपये के शेयर बेचे, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (डीआईआई) ने 12,033.97 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे।
