हरियाणा राज्यसभा चुनाव: भाजपा के संजय भाटिया और कांग्रेस के करमवीर बौद्ध विजयी, सियासी आरोप-प्रत्यारोप तेज

भाजपा के संजय भाटिया और कांग्रेस के करमवीर सिंह बौद्ध

चंडीगढ़, 17 मार्च। हरियाणा में राज्यसभा की दो सीटों के लिए हुए चुनाव में सत्तारूढ़ भाजपा के संजय भाटिया और कांग्रेस के करमवीर सिंह बौद्ध निर्वाचित घोषित किए गए। देर रात परिणाम आने के बाद प्रदेश की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर भी तेज हो गया।

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने दोनों विजेताओं को बधाई देते हुए चुनाव को “रोचक” बताया। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस के पांच विधायकों ने क्रॉस-वोटिंग की, जिनमें से चार के वोट अमान्य घोषित कर दिए गए। अधिकारियों के अनुसार, कुल पांच वोट अमान्य हुए—चार कांग्रेस के और एक भाजपा का।

इस चुनाव में तीन उम्मीदवार मैदान में थे—भाजपा के भाटिया, कांग्रेस के बौद्ध और निर्दलीय सतीश नांदल। नांदल मामूली अंतर से हार गए। मुख्यमंत्री ने कहा कि निर्दलीय उम्मीदवार को मिले वोट यह दर्शाते हैं कि कांग्रेस के भीतर असंतोष है।

वहीं कांग्रेस ने भाजपा पर “हर तरह की चाल चलने” का आरोप लगाया। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि कांग्रेस ने “अग्नि परीक्षा” पास कर ली है। उन्होंने क्रॉस-वोटिंग करने वाले विधायकों के नाम लेने से इनकार करते हुए कहा कि जनता सब समझ रही है और उन्हें जवाब देगी।

कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी बी.के. हरिप्रसाद ने साफ किया कि क्रॉस-वोटिंग करने वाले विधायकों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। दूसरी ओर, मुख्यमंत्री सैनी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस को अपने ही विधायकों पर भरोसा नहीं है और इसी वजह से उन्हें हिमाचल प्रदेश भेजा गया था।

मतदान प्रक्रिया भी विवादों में रही। शाम चार बजे मतदान समाप्त होने के बाद मतों की गिनती पांच घंटे से अधिक की देरी से शुरू हुई। दोनों दलों ने एक-दूसरे पर मत की गोपनीयता के उल्लंघन के आरोप लगाए। भाजपा ने कांग्रेस विधायकों के खिलाफ चुनाव आयोग से शिकायत की, जबकि कांग्रेस ने भी भाजपा के एक मंत्री पर इसी तरह का आरोप लगाया।

इस बीच, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने निर्वाचन आयोग को पत्र लिखकर चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल उठाए और हस्तक्षेप की मांग की।

90 सदस्यीय हरियाणा विधानसभा में भाजपा के 48, कांग्रेस के 37, इनेलो के 2 और 3 निर्दलीय विधायक हैं। इनेलो ने मतदान से दूरी बनाए रखी, जिस पर सैनी ने उसे कांग्रेस की “बी टीम” बताया।

चुनाव परिणाम के साथ ही हरियाणा की सियासत में खींचतान और तेज हो गई है, और आने वाले समय में क्रॉस-वोटिंग के मुद्दे पर राजनीतिक हलचल और बढ़ने के संकेत हैं।

Related Post

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *