लखनऊ, 14 मार्च। उत्तर प्रदेश में एलपीजी सिलेंडरों की कालाबाजारी और आपूर्ति व्यवस्था में किसी भी तरह की अनियमितता को रोकने के लिए राज्य सरकार ने व्यापक स्तर पर कार्रवाई शुरू की है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशों के अनुपालन में खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग जिला प्रशासन के साथ मिलकर पूरे प्रदेश में एलपीजी आपूर्ति व्यवस्था की लगातार निगरानी कर रहा है और निरीक्षण तथा छापेमारी कर रहा है।
इस संबंध में उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव एस.पी. गोयल ने सभी जिलाधिकारियों को पेट्रोल, डीजल और एलपीजी सिलेंडरों की उपलब्धता बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए हैं।
राज्य सरकार के अनुसार कालाबाजारी के खिलाफ तेज और सख्त कार्रवाई की जा रही है। अभियान के तहत जिला स्तर पर गठित प्रवर्तन टीमों ने शुक्रवार को प्रदेश भर में कुल 1,483 स्थानों पर निरीक्षण और छापेमारी की।
इस दौरान एलपीजी वितरकों के खिलाफ चार प्राथमिकी दर्ज की गईं, जबकि गैस सिलेंडरों की कालाबाजारी में शामिल अन्य व्यक्तियों के खिलाफ 20 प्राथमिकी दर्ज की गईं। मौके से छह लोगों को गिरफ्तार किया गया, जबकि 19 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई शुरू की गई है।
सरकार के अनुसार राज्य में कार्यरत 4,108 एलपीजी गैस वितरकों के माध्यम से उपभोक्ताओं को उनकी बुकिंग के अनुसार खाली सिलेंडर के बदले भरे हुए सिलेंडर की आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है। वितरकों के पास एलपीजी सिलेंडरों का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है और आवश्यकता के अनुसार घरेलू एलपीजी रिफिल की आपूर्ति की जा रही है।
बयान में कहा गया है कि भारत सरकार द्वारा वाणिज्यिक गैस सिलेंडरों के लिए कुल खपत का 20 प्रतिशत तक आवंटन की अनुमति दी गई है, ताकि होटल, रेस्तरां और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में गैस आपूर्ति प्रभावित न हो।
आपूर्ति व्यवस्था की निगरानी और किसी भी समस्या के त्वरित समाधान के लिए खाद्य आयुक्त कार्यालय में 24 घंटे सक्रिय नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है। यहां खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के अधिकारियों को तैनात किया गया है। इसके अलावा राज्य के सभी जिलों में भी नियंत्रण कक्ष स्थापित किए गए हैं।
उपभोक्ताओं को एलपीजी की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए जिला आपूर्ति कार्यालय और स्थानीय प्रशासन के अधिकारी लगातार क्षेत्र का दौरा कर रहे हैं।
सरकार का कहना है कि राज्य के हर हिस्से में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की आपूर्ति निर्बाध बनाए रखना उसकी प्राथमिकता है, ताकि आम जनता को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
