जम्मू-कश्मीर में निर्वाचित सरकार के पास जरूरी अधिकार नहीं : फारूक अब्दुल्ला

जम्मू, 12 मार्च । नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला ने जम्मू-कश्मीर को पूर्ण राज्य का दर्जा बहाल करने की मांग दोहराते हुए बृहस्पतिवार को कहा कि प्रदेश में चुनी हुई सरकार होने के बावजूद उसके पास वे अधिकार नहीं हैं, जो एक निर्वाचित सरकार के पास होने चाहिए।

जम्मू में पत्रकारों से बातचीत में अब्दुल्ला ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में चुनाव इस आश्वासन के साथ कराए गए थे कि यहां पूर्ण राज्य का दर्जा बहाल किया जाएगा और लोगों की समस्याओं का समाधान किया जाएगा। उन्होंने कहा, “सबसे बड़ी समस्या यह है कि चुनी हुई सरकार तो है, लेकिन उसके पास आवश्यक शक्तियां नहीं हैं। कई साल बीत गए, लेकिन राज्य का दर्जा अभी तक बहाल नहीं हुआ।”

उन्होंने कहा कि राज्य का दर्जा बहाल करने का आश्वासन संसद और उच्चतम न्यायालय के समक्ष भी दिया गया था, इसलिए इसे जल्द लागू किया जाना चाहिए।

अब्दुल्ला से जब राज्य का दर्जा न होने की स्थिति में जम्मू-कश्मीर में अपराध बढ़ने के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि अपराध केवल एक राज्य तक सीमित नहीं है, बल्कि देश के कई हिस्सों में यह समस्या है। उन्होंने कहा कि बढ़ती गरीबी और वैश्विक परिस्थितियों का भी असर देश पर पड़ रहा है।

उन्होंने कहा कि विशेष रूप से ईरान से जुड़े युद्ध जैसे अंतरराष्ट्रीय तनाव का असर भी भारत की अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है और बढ़ती महंगाई के कारण मध्य वर्ग को सबसे अधिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है।

अपने ऊपर हाल ही में हुए हमले के बारे में पूछे जाने पर अब्दुल्ला ने कहा कि यदि इस घटना के पीछे कोई साजिश है तो उसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उन्होंने केंद्र सरकार और जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल से अपील करते हुए कहा कि जब बार-बार यह दावा किया जाता है कि हालात पूरी तरह सामान्य हो गए हैं, तो यह भी जांचा जाना चाहिए कि क्या वास्तव में नेताओं और आम लोगों के लिए सुरक्षित वातावरण उपलब्ध है।

उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में मतभेद स्वाभाविक हैं और भारत की ताकत उसके लोकतांत्रिक और धर्मनिरपेक्ष स्वरूप में निहित है। उनके अनुसार, विचार अलग-अलग हो सकते हैं, लेकिन सभी को मिलकर रहना होगा और हर नागरिक को अपनी बात रखने का अधिकार है।

अलगाववादी नेता शब्बीर शाह को जमानत दिए जाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि सभी लोगों को देश को बेहतर बनाने की दिशा में काम करना चाहिए।

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