LPG सिलिंडर की आपूर्ति पर केंद्र सख्त, जमाखोरी रोकने के लिए ESMA लागू

नई दिल्ली, 10 मार्च। देश में एलपीजी सिलिंडरों की संभावित कमी और जमाखोरी को रोकने के लिए केंद्र सरकार ने सख्त कदम उठाए हैं। सरकार ने आवश्यक सेवा रखरखाव अधिनियम (ESMA) लागू करते हुए गैस की आपूर्ति और वितरण पर कड़ी निगरानी शुरू कर दी है। इस कदम का उद्देश्य घरेलू उपभोक्ताओं के लिए रसोई गैस की उपलब्धता सुनिश्चित करना और कालाबाजारी पर रोक लगाना है।

सरकारी सूत्रों के अनुसार, पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के कारण तेल और गैस की आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका को देखते हुए यह फैसला लिया गया है। क्षेत्र में जारी संघर्ष, खासकर ईरान, इज़राइल और संयुक्त राज्य अमेरिका के बीच बढ़ती सैन्य गतिविधियों ने वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति को लेकर चिंता बढ़ा दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस संकट का असर भारत की ऊर्जा आपूर्ति पर भी पड़ सकता है।

सरकार ने तेल रिफाइनरियों को एलपीजी उत्पादन बढ़ाने के निर्देश दिए हैं, ताकि घरेलू जरूरतों को पूरा किया जा सके। वित्त वर्ष 2024-25 में भारत की कुल एलपीजी खपत करीब 3.13 करोड़ टन रही, जिसमें से केवल 1.28 करोड़ टन का उत्पादन देश में हुआ, जबकि बाकी गैस का आयात करना पड़ा।

सूत्रों के मुताबिक, भारत अपनी लगभग 85 से 90 प्रतिशत एलपीजी जरूरतों के लिए आयात पर निर्भर है। इन आयातों का बड़ा हिस्सा सऊदी अरब और अन्य खाड़ी देशों से आता है, जो प्रमुख रूप से होर्मुज जलडमरूमध्य के रास्ते भारत पहुंचता है। मौजूदा संघर्ष के चलते इस समुद्री मार्ग पर भी जोखिम बढ़ गया है।

ईएसएमए लागू होने के बाद सरकार ने अस्पतालों, स्कूलों, सरकारी संस्थानों और अन्य आवश्यक सेवाओं को एलपीजी की आपूर्ति में प्राथमिकता देने का निर्णय लिया है। वहीं कमर्शियल सिलेंडरों की कमी की खबरों के कारण मुंबई, चेन्नई और बेंगलुरु जैसे बड़े शहरों में होटल और रेस्टोरेंट कारोबारियों की चिंता बढ़ गई है। सरकार का कहना है कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और जरूरत पड़ने पर आगे भी आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।

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