राष्ट्रीय विज्ञान दिवस पर स्वदेशी विज्ञान पर जोर, डॉ. विवेक शर्मा ने युवाओं को शोध के लिए किया प्रेरित

शाहजहांपुर स्थित स्वामी शुकदेवानंद विश्वविद्यालय में राष्ट्रीय विज्ञान दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में स्वदेशी विज्ञान और शोध की भूमिका पर विस्तृत चर्चा हुई। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता डॉ. विवेक शर्मा, सहायक प्राध्यापक, भौतिकी विभाग, हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय ने कहा कि शोध की दुनिया में कोई भी विचार छोटा नहीं होता और एक सामान्य चिंतन भी समाज व राष्ट्र में परिवर्तन की नींव बन सकता है।

“स्वदेशी विज्ञान : संभावनाएं एवं भविष्य का दृष्टिकोण” विषय पर आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने भारतीय ज्ञान परंपरा और आधुनिक विज्ञान के समन्वय पर बल दिया। उन्होंने महान भारतीय वैज्ञानिकों—सी. वी. रमन, होमी जहांगीर भाभा, जगदीश चंद्र बोस, श्रीनिवास रामानुजन, हरगोविंद खुराना, सुब्रमण्यम चंद्रशेखर, मेघनाथ साहा, बीरबल साहनी तथा सत्येंद्र नाथ बोस के योगदानों का उल्लेख करते हुए विद्यार्थियों को अनुसंधान के लिए प्रेरित किया।

डॉ. शर्मा ने कहा कि सीमित संसाधनों के बावजूद भारतीय वैज्ञानिकों ने देश को वैश्विक पहचान दिलाई है। उन्होंने वायु प्रदूषण, जल संकट, जलवायु परिवर्तन, आपदा प्रबंधन और ऊर्जा संकट जैसे क्षेत्रों में गंभीर शोध की आवश्यकता पर जोर दिया। नवीकरणीय ऊर्जा और स्वच्छ तकनीक को उन्होंने भविष्य की प्रमुख दिशा बताया।

कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि प्रो. प्रभात शुक्ला ने विद्यार्थियों को प्रयोगात्मक अध्ययन और नवाचार पर ध्यान केंद्रित करने की सलाह दी। विज्ञान संकायाध्यक्ष डॉ. आलोक कुमार सिंह ने कहा कि विश्वविद्यालय बनने के बाद शोध और नवाचार की जिम्मेदारी और बढ़ गई है।

कार्यक्रम का संचालन डॉ. शिशिर शुक्ला ने किया। स्वागत भाषण डॉ. हर्ष पाराशरी ने दिया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन डॉ. संदीप दीक्षित ने प्रस्तुत किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में शिक्षक और विद्यार्थी उपस्थित रहे।

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