भारत-नेपाल सीमा पर स्थित जिलों में घुसपैठियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए : अमित शाह

नई दिल्ली/पूर्णिया, 27 फरवरी ।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भारत-नेपाल सीमा से लगे जिलों में घुसपैठ और अवैध प्रवासन को रोकने के लिए कड़ी निगरानी, समन्वित अंतर-एजेंसी कार्रवाई और वित्तीय लेन-देन की सख्त जांच के निर्देश दिए हैं। पूर्णिया में आयोजित एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में उन्होंने सीमावर्ती क्षेत्रों में सुरक्षा तंत्र को मजबूत बनाने और अवैध गतिविधियों पर निर्णायक कार्रवाई सुनिश्चित करने पर जोर दिया।

अधिकारियों के अनुसार, गृह मंत्री ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण के दौरान सामने आए संदिग्ध मामलों की विधिवत जांच करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि मृत पाए गए व्यक्तियों के मामलों की पुष्टि के बाद संबंधित सरकारी अभिलेखों—जैसे यूआईडी डाटाबेस, ड्राइविंग लाइसेंस, पैन रिकॉर्ड और अन्य आधिकारिक दस्तावेजों—में आवश्यक संशोधन किए जाएं, ताकि किसी प्रकार के दुरुपयोग को रोका जा सके और अभिलेखों की सटीकता बनी रहे।

शाह ने सीमावर्ती जिलों में अवैध निर्माण, जाली मुद्रा, अनधिकृत वित्तीय प्रवाह, अतिक्रमण और अवैध प्रवासन जैसी गतिविधियों पर विशेष निगरानी रखने का निर्देश दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि ‘नो मैन्स लैंड’ के रूप में चिन्हित क्षेत्रों से अतिक्रमण तत्काल हटाए जाएं और वन व निर्जन क्षेत्रों में किसी भी प्रकार के अवैध निर्माण को कतई बर्दाश्त न किया जाए।

बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि संदिग्ध प्रवासियों की पहचान के लिए घर-घर जाकर सत्यापन अभियान चलाया जाएगा। इस प्रक्रिया का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी वास्तविक मतदाता गलती से सूची से बाहर न हो, साथ ही ऐसे व्यक्तियों की पहचान हो सके जो सत्यापन के दौरान अनुपस्थित पाए गए।

गृह मंत्री ने वित्तीय निगरानी को सुदृढ़ करने पर भी विशेष बल दिया। उन्होंने निर्देश दिया कि सीमावर्ती जिलों में कार्यरत सभी बैंक, जिनमें सहकारी बैंक भी शामिल हैं, नियामकीय मानकों का सख्ती से पालन करें। उच्च मूल्य के नकद लेन-देन की रिपोर्टिंग, बैंक खातों के साथ पैन लिंकिंग और वित्तीय स्रोतों की पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए व्यापक जांच की जाएगी।

अधिकारियों ने बताया कि गृह मंत्री ने जिलाधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में प्रमुख व्यावसायिक प्रतिष्ठानों और संपत्ति खरीद के मामलों की जांच का दायित्व सौंपा है। संदिग्ध वित्तीय लेन-देन या अज्ञात स्रोतों से संपत्ति क्रय के मामलों में वित्तपोषण के स्रोत, क्रय क्षमता और पैन विवरण की गहन जांच की जाएगी।

शाह ने यह भी कहा कि सीमावर्ती क्षेत्रों में बैंकिंग पहुंच को मजबूत किया जाए और नकदी प्रबंधन प्रणाली को प्रभावी बनाने के लिए बैंक शाखाओं में नोट छांटने वाली मशीनों की स्थापना पर विचार किया जाए। इस संबंध में भारतीय रिजर्व बैंक के साथ समन्वय बढ़ाने पर जोर दिया गया है।

विशेषज्ञों का मानना है कि भारत-नेपाल सीमा की खुली प्रकृति को देखते हुए सुरक्षा और प्रशासनिक समन्वय की आवश्यकता लंबे समय से महसूस की जा रही थी। केंद्र सरकार की यह पहल सीमावर्ती जिलों में प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने और अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

गृह मंत्रालय के अनुसार, इन उपायों का उद्देश्य न केवल राष्ट्रीय सुरक्षा को सुदृढ़ करना है, बल्कि सीमावर्ती क्षेत्रों में पारदर्शी प्रशासन, वैध आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देना और स्थानीय नागरिकों के हितों की रक्षा करना भी है।

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