टोक्यो/लखनऊ, 25 फरवरी। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बुधवार को जापान की राजधानी टोक्यो पहुंचे, जहां उनका गर्मजोशी से स्वागत किया गया। यह उनकी पहली जापान यात्रा है, जिसका मुख्य उद्देश्य औद्योगिक सहयोग को मजबूत करना और राज्य के लिए विदेशी निवेश आकर्षित करना है।
मुख्यमंत्री का स्वागत यामानाशी प्रीफेक्चर के वाइस गवर्नर जुनिची इशिडेरा और जापान में भारत की राजदूत नगमा एम. मलिक ने किया। यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री ने जापानी कंपनियों को उत्तर प्रदेश में निवेश के लिए आमंत्रित करते हुए राज्य की औद्योगिक नीति, आधारभूत संरचना और निवेश संभावनाओं को रेखांकित किया।
दौरे के पहले चरण में मुख्यमंत्री ने Konoike Transport Co. Ltd. के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर लॉजिस्टिक्स पार्क, वेयरहाउस और मल्टीमोडल ट्रांसपोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर में निवेश संभावनाओं पर चर्चा की। उन्होंने कंपनी को डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर नेटवर्क और मेडिकल डिवाइस पार्क से जुड़े अवसरों का लाभ उठाने का सुझाव दिया।
निर्धारित कार्यक्रम के तहत मुख्यमंत्री की बैठकें Mitsui & Co. के प्रतिनिधियों से आधारभूत संरचना सहयोग और DENSO Corporation के अधिकारियों से ऑटोमोबाइल एवं इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र में निवेश संभावनाओं को लेकर प्रस्तावित हैं। व्यापार और निवेश सहयोग को बढ़ावा देने के लिए वे Japan External Trade Organization (JETRO) के नेतृत्व से भी संवाद करेंगे।
टोक्यो में आयोजित ‘उत्तर प्रदेश निवेश रोड शो’ को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य तेजी से उभरती अर्थव्यवस्था है, जहां बुनियादी ढांचे, खाद्य प्रसंस्करण, लॉजिस्टिक्स और विनिर्माण क्षेत्रों में व्यापक अवसर उपलब्ध हैं। उन्होंने 25 करोड़ की आबादी, विस्तृत श्रमशक्ति, एक्सप्रेसवे नेटवर्क और विकसित हो रहे औद्योगिक पार्कों को निवेश के लिए अनुकूल आधार बताया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश को 1000 अरब डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के लक्ष्य के तहत वैश्विक साझेदारियों को मजबूत किया जा रहा है। उन्होंने जापानी उद्योग जगत से राज्य के औद्योगिक और अवसंरचनात्मक विकास में भागीदारी का आह्वान किया।
