नई दिल्ली/लखनऊ, 3 फरवरी 2026। आम आदमी पार्टी (आप) के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने मंगलवार को केंद्र सरकार पर अमेरिका के साथ कथित ट्रेड डील को लेकर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश को विश्वास में लिए बिना अमेरिका के आगे सरेंडर कर दिया है, जिससे किसानों की बर्बादी और आम जनता पर महंगाई का बोझ बढ़ेगा। संजय सिंह ने इस फैसले को “तीन काले कृषि कानूनों से भी बड़ा विश्वासघात” करार दिया।
संजय सिंह ने कहा कि यह हैरानी की बात है कि इस कथित ट्रेड डील की जानकारी भारत सरकार की ओर से नहीं, बल्कि अमेरिका के राष्ट्रपति के ट्वीट के जरिए सामने आई। उन्होंने कहा कि इससे साफ होता है कि अब भारत की आर्थिक और नीतिगत फैसले वॉशिंगटन से तय हो रहे हैं।
आप नेता ने आरोप लगाया कि इस समझौते के तहत भारत अब रूस से तेल नहीं खरीदेगा और अमेरिका व वेनेजुएला से तेल आयात करेगा। उन्होंने कहा कि वेनेजुएला का तेल कम गुणवत्ता वाला होता है, जिसे रिफाइन करना महंगा पड़ता है, जबकि अमेरिका का तेल रूस की तुलना में कहीं अधिक महंगा है। इसका सीधा असर पेट्रोल-डीजल समेत जरूरी वस्तुओं की कीमतों पर पड़ेगा और आम जनता महंगाई की मार झेलेगी।
किसानों के मुद्दे पर संजय सिंह ने कहा कि मोदी सरकार ने अमेरिका से आने वाले कृषि उत्पादों पर शून्य शुल्क लगाने का फैसला किया है। इससे अमेरिकी कपास, गेहूं, सब्जियां और अन्य कृषि उत्पाद भारतीय बाजार में सस्ते दामों पर उपलब्ध होंगे और भारतीय किसानों की फसल बिकना मुश्किल हो जाएगा। उन्होंने कहा कि देश की 70 से 80 करोड़ आबादी प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से खेती पर निर्भर है और यह फैसला किसानों को बर्बादी की ओर धकेल देगा।
उन्होंने आरोप लगाया कि गोदी मीडिया इस फैसले को भी सरकार की उपलब्धि के रूप में पेश करेगा, जबकि सच्चाई यह है कि इस समझौते से अमेरिकी किसान और कॉरपोरेट्स को फायदा होगा, न कि भारतीय किसानों को। संजय सिंह ने अमेरिका की कृषि मंत्री के उस बयान का भी हवाला दिया, जिसमें उन्होंने इस डील पर खुशी जताई है।
संजय सिंह ने यह भी सवाल उठाया कि आखिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी किस दबाव में आकर ऐसे फैसले ले रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि हाल ही में एप्स्टीन फाइल में प्रधानमंत्री का नाम आने और अडानी समूह को अमेरिका से सम्मन भेजे जाने के बाद देश के हितों से समझौता किया गया है।
आप सांसद ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि यह ट्रेड डील वापस नहीं ली गई और किसानों व आम जनता के खिलाफ लिए गए फैसले रद्द नहीं किए गए, तो आम आदमी पार्टी सड़क से लेकर संसद तक बड़ा आंदोलन खड़ा करेगी।
