लखनऊ। सरोजनीनगर क्षेत्र में हाल के दिनों में अपने प्रियजनों को खोने वाले परिवारों के लिए यह समय केवल व्यक्तिगत दुःख का नहीं, बल्कि गहरे सामाजिक आघात का भी रहा। ऐसे कठिन क्षणों में सरोजनीनगर विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने औपचारिक संवेदना से आगे बढ़ते हुए पीड़ित परिवारों को ठोस सहायता और भरोसे का संबल प्रदान किया।

मंगलवार को डॉ. सिंह विभिन्न शोकाकुल परिवारों के घर पहुँचे। यह दौरा मात्र शिष्टाचार नहीं, बल्कि इस संदेश के साथ था कि संकट की घड़ी में वे परिवार अकेले नहीं हैं। उन्होंने बच्चों की शिक्षा, रोज़गार, न्याय और आर्थिक स्थिरता—इन चार आधार स्तंभों पर परिवारों के भविष्य को सुरक्षित करने का संकल्प दोहराया।

पिपरसंड निवासी धीरज शुक्ला, जिन्होंने अपने 19 वर्षीय पुत्र को खोया, उनके परिवार के बच्चों के लिए शुल्क प्रतिपूर्ति की व्यवस्था सुनिश्चित की गई। शिवरी निवासी राम सिंह लोधी के बच्चों शगुन और लकी की शिक्षा निर्बाध रूप से जारी रहे, इसके लिए विद्यालय शुल्क प्रतिपूर्ति और आवश्यक सहायता का आश्वासन दिया गया। डॉ. सिंह ने परिवार को अपना व्यक्तिगत मोबाइल नंबर भी दिया और कहा कि आवश्यकता पड़ने पर बिना संकोच संपर्क करें।

शिवरी में सड़क दुर्घटना में एक ही परिवार से माँ और पुत्र के निधन के बाद पीछे बचे तीन बच्चों के लिए शिक्षा शुल्क प्रतिपूर्ति, नगद सहायता और दीर्घकालिक सहयोग का भरोसा दिया गया। सहिजनपुर में काजल रावत की असामयिक मृत्यु के पश्चात उनकी बहन को निजी क्षेत्र में रोज़गार और छोटे भाई की दो वर्षों की विद्यालय फीस जमा कराने का निर्णय लिया गया।
लतीफनगर में अर्पित त्रिवेदी ‘अन्ना’ के निधन पर उनके भाई के लिए रोज़गार की व्यवस्था तथा दोषियों को कठोर दंड दिलाने हेतु हरसंभव कानूनी प्रयास का आश्वासन दिया गया। रहीमनगर पड़ियाना में विवेक पांडेय के निधन के बाद उनकी पत्नी को निजी क्षेत्र में रोज़गार, बच्चों के प्रवेश और फीस प्रतिपूर्ति की व्यवस्था सुनिश्चित करने का संकल्प लिया गया।

खसरवारा में फूलचंद रावत के निधन पर उनकी बहू नीतू के बच्चों को रोज़गारपरक शिक्षा और भविष्य की तैयारी के लिए आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने का भरोसा दिया गया। बंथरा बाजार में सचिन गुप्ता के परिवार के लिए पत्नी को पेंशन और बच्चों को बाल सेवा योजना का लाभ शीघ्र दिलाने की प्रक्रिया शुरू कराई गई।
इसके अतिरिक्त, कुरौनी निवासी गुड़िया गौतम के पुत्र की सड़क दुर्घटना में मृत्यु के बाद परिवार पर आए बैंक ऋण को जमा कराने का संकल्प भी विधायक ने लिया, ताकि शोक के साथ आर्थिक बोझ न जुड़े।
डॉ. राजेश्वर सिंह का यह प्रयास दर्शाता है कि जनप्रतिनिधि की भूमिका केवल वक्तव्यों तक सीमित नहीं, बल्कि संकट में साथ खड़े होकर समाधान देने की प्रतिबद्धता है। सरोजनीनगर में लोग उन्हें केवल विधायक नहीं, बल्कि संवेदनशील संरक्षक के रूप में देख रहे हैं।
