शाहजहांपुर — नगर निगम कार्यालय के न्यू ककरा सिटी स्थित नए भवन में स्थानांतरित होने के बाद शहर के ऐतिहासिक पुराने नगर निगम भवन को विरासत संग्रहालय के रूप में विकसित किया जाएगा। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार की जा रही है, जिस पर लगभग पांच करोड़ रुपये की लागत आने का अनुमान है।
करीब एक सदी से भी अधिक पुराने इस भवन को शहर की ऐतिहासिक पहचान मानते हुए इसके संरक्षण और पुनर्विकास का निर्णय लिया गया है। उल्लेखनीय है कि वर्ष 1916 में शाहजहांपुर नगर पालिका का गठन हुआ था और उसी वर्ष पहला नगरपालिका चुनाव भी संपन्न हुआ था। इसी ऐतिहासिक पृष्ठभूमि को ध्यान में रखते हुए भवन को सांस्कृतिक धरोहर के रूप में विकसित किया जाएगा।
प्रस्तावित संग्रहालय में जनपद के क्रांतिकारियों, नगर पालिका और नगर निगम से जुड़े पूर्व चेयरमैनों के चित्र एवं विवरण, साथ ही शाहजहांपुर के विकास में योगदान देने वाले प्रमुख व्यक्तित्वों से जुड़ी स्मृतियों को प्रदर्शित किया जाएगा। नगर निगम अधिकारियों के अनुसार, संग्रहालय की संरचना और प्रदर्शनी को आधुनिक, डिजिटल और आकर्षक स्वरूप दिया जाएगा। अनुमान है कि निर्माण कार्य अगले डेढ़ वर्ष में पूर्ण कर लिया जाएगा।
ग्रीन रोड से बदलेगा यातायात का स्वरूप
परियोजना के तहत पुराने नगर निगम भवन को दो हिस्सों में विभाजित किया जाएगा। सामने वाले हिस्से में विरासत संग्रहालय विकसित किया जाएगा, जबकि पीछे के हिस्से में जोनल कार्यालय संचालित होगा। दोनों हिस्सों के मध्य से एक नई सड़क बनाई जाएगी, जो कवि तिराहा को शहीद उद्यान रोड से जोड़ेगी।
इस सड़क को ‘ग्रीन रोड’ के रूप में विकसित किया जाएगा। इसके निर्माण से कवि तिराहा को एक सुव्यवस्थित चौराहे का रूप मिलेगा और क्षेत्र में वर्षों से चली आ रही जाम की समस्या से राहत मिलने की उम्मीद है। नई सड़क के खुलने से नागरिकों को नगर निगम भवन के आसपास अनावश्यक चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।
नगर निगम अधिकारियों का कहना है कि यह परियोजना न केवल शहर की ऐतिहासिक विरासत को संरक्षित करेगी, बल्कि यातायात व्यवस्था को सुगम बनाकर नागरिकों को भी सीधा लाभ पहुंचाएगी।
