शाहजहांपुर, 20 जनवरी — विधानसभा निर्वाचक नामावलियों के विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण-2026 के अंतर्गत नो-मैपिंग मतदाताओं की सुनवाई प्रक्रिया को निष्पक्ष, पारदर्शी और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से भारत रत्न अटल बिहारी बाजपेयी ऑडिटोरियम में अधिकारियों के लिए गहन प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। प्रशिक्षण की अध्यक्षता जिला निर्वाचन अधिकारी/जिलाधिकारी धर्मेंद्र प्रताप सिंह ने की।
जिलाधिकारी ने बताया कि वर्ष 2003 की मतदाता सूची से जिन मतदाताओं की मैपिंग नहीं हो सकी है, उन्हें भारत निर्वाचन आयोग की गाइडलाइंस के अनुसार नोटिस जारी किए गए हैं। इन मतदाताओं की सुनवाई के लिए जनपद की सभी छह विधानसभा क्षेत्रों में 170 सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों की तैनाती की गई है, जबकि कुल 81 सुनवाई स्थल निर्धारित किए गए हैं।
प्रशिक्षण सत्र के दौरान उप जिलाधिकारी जलालाबाद प्रभात कुमार राय ने पीपीटी प्रस्तुति के माध्यम से सुनवाई की पूरी प्रक्रिया, आवश्यक दस्तावेजों और आयोग के दिशा-निर्देशों की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि नो-मैपिंग मतदाता वे हैं, जिनका नाम न तो वर्ष 2003 की मतदाता सूची में दर्ज था और न ही वे उस सूची में दर्ज किसी मतदाता की संतान हैं।
जिलाधिकारी ने आगे बताया कि दस्तावेजों की आवश्यकता मतदाता की जन्म-तिथि के आधार पर निर्धारित की गई है और नोटिस की सुनवाई के समय संबंधित मतदाता की स्वयं की उपस्थिति अनिवार्य होगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सुनवाई के दौरान आयोग की गाइडलाइंस का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाए, ताकि किसी भी मतदाता के साथ अन्याय न हो।
इस अवसर पर नगर आयुक्त डॉ. विपिन कुमार मिश्र, मुख्य विकास अधिकारी डॉ. अपराजिता सिंह, अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) रजनीश कुमार मिश्र, नगर मजिस्ट्रेट प्रवेंद्र कुमार, जिला विकास अधिकारी ऋषिपाल सिंह सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
