“जिंदा रहा तो लोकसभा में फिर जरूर जाऊंगा”: बृजभूषण शरण सिंह

“जिंदा रहा तो लोकसभा में फिर जरूर जाऊंगा”: बृजभूषण शरण सिंह

गोंडा (उप्र), एक जनवरी । कैसरगंज से पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने लोकसभा से हटाए जाने को जनता का नहीं, बल्कि एक साजिश का परिणाम बताते हुए कहा है कि वह एक बार फिर निचले सदन में लौटने का प्रयास करेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि वह जीवित रहे तो आगामी लोकसभा चुनाव अवश्य लड़ेंगे।

एक समाचार चैनल के ‘पॉडकास्ट’ में बातचीत के दौरान भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता बृजभूषण शरण सिंह ने कहा कि उनका कार्यकाल बीच में ही समाप्त कर दिया गया और उन्हें अपमानित करते हुए पद छोड़ने के लिए मजबूर किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि यह फैसला जनता की इच्छा से नहीं, बल्कि एक सुनियोजित साजिश के तहत लिया गया।

सिंह ने कहा, “मुझे जनता ने नहीं, बल्कि साजिश के तहत लोकसभा से हटाया गया। इसी कारण मैं एक बार फिर जनता के बीच जाऊंगा।” उन्होंने आगे कहा कि वह कहां से चुनाव लड़ेंगे, इसका फैसला जनता करेगी। उनकी प्राथमिकता भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ने की होगी, लेकिन यदि पार्टी टिकट नहीं देती है तो वह निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में मैदान में उतरेंगे।

अयोध्या में राम मंदिर में आयोजित प्राण प्रतिष्ठा द्वादशी कार्यक्रम का आमंत्रण न मिलने पर दुख जताते हुए सिंह ने कहा कि जनप्रतिनिधि होने के बावजूद उन्हें न्योता नहीं दिया गया, जिसका उन्हें हमेशा मलाल रहेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि राम जन्मभूमि आंदोलन के असली कारसेवकों को नजरअंदाज किया गया, जबकि जिन लोगों का आंदोलन में कोई योगदान नहीं था, उन्हें आमंत्रित किया गया।

उन्होंने यह भी कहा कि वह अब तक रामलला के दर्शन के लिए नहीं गए हैं और जब भी जाएंगे, आम श्रद्धालु की तरह कतार में लगकर दर्शन करेंगे।

अपने ऊपर लगे आरोपों के दौर को याद करते हुए सिंह ने कहा कि उस समय समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने उनके खिलाफ कोई बयान नहीं दिया, जिसे वह कभी नहीं भूलेंगे। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि उस दौरान बहुजन समाज पार्टी, जनता दल (यूनाइटेड) और राष्ट्रीय जनता दल की ओर से भी उनके खिलाफ कोई सार्वजनिक बयान नहीं आया था।

कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर टिप्पणी करते हुए सिंह ने कहा कि जब सेना और सनातन धर्म पर सवाल उठाए जाते हैं, तो एक आम नागरिक के रूप में उन्हें पीड़ा होती है। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी के सलाहकारों की सोच वामपंथी है, इसी कारण ऐसे मुद्दे उठाए जाते हैं, जिन्हें पाकिस्तान में पसंद किया जाता है।

गौरतलब है कि देवीपाटन मंडल की तीन संसदीय सीटों का छह बार प्रतिनिधित्व कर चुके बृजभूषण शरण सिंह पर महिला पहलवानों द्वारा गंभीर आरोप लगाए जाने के बाद भाजपा ने 2024 के लोकसभा चुनाव में उनकी जगह उनके बेटे करण भूषण सिंह को कैसरगंज सीट से उम्मीदवार बनाया था। करण भूषण सिंह वर्तमान में इस सीट से सांसद हैं।

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