₹35 हजार करोड़ से अधिक सरप्लस के साथ यूपी की अर्थव्यवस्था मजबूत, राजस्व संग्रह ने बनाया नया रिकॉर्ड

लखनऊ, 07 अप्रैल 2026। योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था लगातार मजबूती की ओर बढ़ रही है। वित्तीय अनुशासन और प्रभावी नीतियों के चलते प्रदेश अब ₹35,000 करोड़ से अधिक के रेवेन्यू सरप्लस के साथ देश के अग्रणी राज्यों में शामिल हो गया है।

सुरेश कुमार खन्ना ने सोमवार को ताजा आंकड़े जारी करते हुए बताया कि मार्च 2026 में प्रदेश के कर एवं करेत्तर राजस्व में ₹26,193.56 करोड़ की वसूली हुई, जो पिछले वर्ष मार्च 2025 के ₹25,173.03 करोड़ की तुलना में ₹1020.53 करोड़ अधिक है।

उन्होंने बताया कि पूरे वित्तीय वर्ष 2025-26 में राज्य को ₹2,23,060.18 करोड़ का कुल राजस्व प्राप्त हुआ, जो पिछले वर्ष के ₹2,12,832.08 करोड़ से ₹10,228.10 करोड़ अधिक है। यह वृद्धि प्रदेश की मजबूत वित्तीय स्थिति का स्पष्ट संकेत है।

मार्च में विभिन्न क्षेत्रों से बढ़ी आय
मार्च 2026 में जीएसटी से ₹7,347.31 करोड़ की आय हुई, जो पिछले वर्ष ₹6,785.34 करोड़ थी। स्टाम्प एवं निबंधन से ₹2,728.74 करोड़ तथा परिवहन क्षेत्र से ₹1,624.84 करोड़ की उल्लेखनीय आय दर्ज की गई। वहीं भू-तत्व एवं खनिकर्म से ₹784.41 करोड़ की प्राप्ति हुई।

हालांकि आबकारी राजस्व ₹9,269.44 करोड़ रहा, जो पिछले वर्ष ₹9,744.50 करोड़ की तुलना में कुछ कम है, जबकि वैट से ₹4,438.82 करोड़ की आय हुई।

पूरे वर्ष में मजबूत प्रदर्शन
वित्तीय वर्ष 2025-26 में जीएसटी से ₹82,547.40 करोड़, वैट से ₹33,006.35 करोड़, आबकारी से ₹57,722.29 करोड़, स्टाम्प एवं निबंधन से ₹32,598.49 करोड़, परिवहन से ₹12,764.61 करोड़ तथा खनिकर्म से ₹4,421.04 करोड़ की आय दर्ज की गई।

सरप्लस स्टेट बना उत्तर प्रदेश
वित्त मंत्री ने बताया कि प्रदेश अब “रेवेन्यू सरप्लस स्टेट” बन चुका है और ₹35,000 करोड़ से अधिक का अधिशेष उपलब्ध है। उन्होंने यह भी कहा कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में मूल बजट का लगभग 81% व्यय किया जा चुका है, जो बेहतर वित्तीय प्रबंधन को दर्शाता है।

उन्होंने वर्ष 2026-27 के लिए सभी विभागों को समय से कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश देते हुए कहा कि इससे विकास कार्यों को और गति मिलेगी तथा प्रदेश की आर्थिक प्रगति को नई दिशा मिलेगी।

Related Post

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *