सैन फ्रांसिस्को डे यारे (वेनेजुएला), 11 जनवरी – वेनेजुएला में तीन दिन से चल रहे कैदियों की रिहाई अभियान के तहत राजधानी काराकस की एक जेल से डायोजेंस एंगुलो को शनिवार शाम रिहा कर दिया गया। एंगुलो एक साल पांच महीने से जेल में बंद था। रिहाई के मौके पर उसकी मां और चाची की आंखों से खुशी के आंसू छलक पड़े, और पास मौजूद अन्य परिवार भी अपने प्रियजनों से मिलने की उम्मीद में जेल के बाहर जुटे थे।
एंगुलो को 2024 के राष्ट्रपति चुनाव से दो दिन पहले हिरासत में लिया गया था। उस समय उनकी उम्र 17 साल थी। पुलिस ने उनके खिलाफ कार्रवाई तब की थी, जब उन्होंने दिवंगत राष्ट्रपति ह्यूगो शावेज के गृह राज्य बारिनास में विपक्षी दलों के विरोध-प्रदर्शन का वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट किया था।
जेल से रिहा होने के बाद एंगुलो ने कहा, “ऊपरवाले का शुक्रिया, मैं फिर से अपने परिवार के साथ रह पाऊंगा। इस मुश्किल समय में ऊपरवाले में मेरी आस्था ने मुझे हिम्मत प्रदान की।” उन्होंने यह भी बताया कि हिरासत में लिए गए अन्य लोग “ठीक हैं” और उन्हें जल्द रिहाई की उम्मीद है।
वेनेजुएला सरकार ने बृहस्पतिवार को घोषणा की थी कि वह बड़ी संख्या में कैदियों को रिहा करेगी। सरकार ने इस कदम को “शांति की तलाश” के प्रयास के रूप में बताया। हालांकि अधिकारियों ने उन कैदियों की संख्या या पहचान के बारे में कोई जानकारी नहीं दी, जिन्हें रिहा किया जाएगा। जेल के बाहर परिवारों की लंबी कतारें देखी जा सकती थीं।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि वेनेजुएला सरकार ने राजनीतिक कारणों से हिरासत में लिए गए लोगों की रिहाई का निर्णय वाशिंगटन के अनुरोध पर लिया है।
राजनीतिक कैदियों की रिहाई के लिए आवाज उठाने वाले संगठन ‘फोरो पीनल’ ने बताया कि शनिवार रात तक केवल 16 राजनीतिक बंदियों को रिहा किया गया। संगठन ने यह भी कहा कि राजनीतिक कारणों से हिरासत में लिए गए 804 कैदी अब भी जेल में हैं।
