लखनऊ में ‘पिंक वॉकाथन’ से गूंजा जागरूकता का संदेश: “समय पर जांच से बचाई जा सकती हैं जानें”

लखनऊ ने रविवार सुबह ब्रेस्ट कैंसर के खिलाफ एकजुटता और जागरूकता का अद्भुत उदाहरण पेश किया। ब्रेस्ट कैंसर जागरूकता माह के अवसर पर ‘पिंक वॉकाथन’ का आयोजन परिवर्तन स्थल से परिवर्तन चौक तक किया गया, जिसमें सैकड़ों लोगों ने भाग लेकर यह संदेश दिया कि “अर्ली डिटेक्शन सेव्स लाइव्स”, यानी समय पर जांच से जानें बचाई जा सकती हैं।

हल्की ठंडी हवा और गुलाबी माहौल के बीच प्रतिभागियों ने गुलाबी झंडियों और संदेश-पोस्टरों के साथ वॉक करते हुए महिलाओं के स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता फैलाने का काम किया। महिलाओं ने विशेष रूप से गुलाबी टी-शर्ट और कैप पहनकर इस अभियान को और भी विशेष बना दिया।

स्वास्थ्य संस्थानों और शहरवासियों की भागीदारी

वॉकाथन में लखनऊ के प्रमुख चिकित्सा संस्थानों जैसे किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU), संजय गांधी पीजीआई (SGPGI) और लोहिया संस्थान के डॉक्टर्स, मेडिकल स्टाफ, सामाजिक कार्यकर्ता, एनजीओ प्रतिनिधि, कॉलेज छात्र और आम नागरिकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम का शुभारंभ वरिष्ठ चिकित्सकों और प्रशासनिक अधिकारियों ने हरी झंडी दिखाकर किया।

KGMU की ऑन्कोलॉजी विशेषज्ञ डॉ. नीलिमा सिंह ने इस मौके पर बताया, “भारत में ब्रेस्ट कैंसर महिलाओं में सबसे सामान्य कैंसर है, लेकिन इसकी समय पर पहचान से इलाज की सफलता दर 90% तक हो सकती है। इसलिए नियमित जांच और जनजागरूकता बहुत आवश्यक है।”

विंटेज कार रैली ने खींचा ध्यान

इस वर्ष के आयोजन में विंटेज कार रैली ने भी खास आकर्षण जोड़ा। 50 से अधिक विंटेज कारों ने गुलाबी सजावट के साथ शहर की सड़कों पर परेड की। इन कारों पर ब्रेस्ट कैंसर के प्रति जागरूकता के प्रेरक संदेश लिखे थे, जैसे – “हर साल कराओ जांच, रखो खुद का ध्यान”, और “कैंसर को हराना है, जीवन को सजाना है”

रैली को देखने के लिए सड़कों के किनारे खड़े लोगों ने कारों का स्वागत किया और तस्वीरें लीं। इस रैली ने कार्यक्रम को न केवल रंगीन और आकर्षक बनाया बल्कि कैंसर से जुड़े संदेश को भी बेहद प्रभावशाली ढंग से आमजन तक पहुँचाया।

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