रुपये ने छुआ 92.02 प्रति डॉलर का रिकॉर्ड निचला स्तर, बाद में मामूली बढ़त के साथ हुआ बंद

Rupee remains under pressure due to foreign capital outflows, will...

मुंबई, 30 जनवरी – अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में शुक्रवार को भारतीय रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 92.02 के अपने अब तक के सबसे निचले स्तर तक फिसल गया। हालांकि, कारोबार के अंतिम चरण में इसमें हल्की रिकवरी देखी गई और रुपया मामूली बढ़त के साथ 91.97 प्रति डॉलर पर बंद हुआ।

विदेशी मुद्रा कारोबारियों ने कहा कि डॉलर की वैश्विक मजबूती, अस्थिर भू-राजनीतिक संकेतों, विदेशी पूंजी की निरंतर निकासी और घरेलू शेयर बाजारों में कमजोरी के कारण रुपये पर दबाव बना रहा।

अंतरबैंक बाजार में रुपया 91.89 प्रति डॉलर पर खुला और शुरुआती कारोबार में मजबूत होकर 91.82 प्रति डॉलर तक पहुंच गया। हालांकि, बाद में डॉलर की मांग बढ़ने से रुपया कमजोर हुआ और दिन के दौरान 92.02 के रिकॉर्ड निचले स्तर को छू गया। सत्र के अंत में यह अपने पिछले बंद स्तर से दो पैसे की बढ़त के साथ 91.97 पर बंद हुआ।

गौरतलब है कि बृहस्पतिवार को रुपया डॉलर के मुकाबले अपने तत्कालीन रिकॉर्ड निचले स्तर 91.99 पर सपाट बंद हुआ था, जबकि इससे पहले 23 जनवरी को रुपये ने 92.00 प्रति डॉलर का स्तर छुआ था।

मिराए एसेट शेयरखान के शोध विश्लेषक अनुज चौधरी ने कहा,
“कच्चे तेल और अन्य जिंसों की कीमतों में रातोंरात आई गिरावट के चलते रुपया रिकॉर्ड निचले स्तर से उबर पाया। हालांकि, अमेरिकी डॉलर इंडेक्स में मजबूती और विदेशी संस्थागत निवेशकों की निकासी ने रुपये की तेजी को सीमित कर दिया।”

उन्होंने कहा कि डॉलर इंडेक्स में उछाल उस बयान के बाद आया, जिसमें पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि वह अमेरिकी फेडरल रिजर्व के नेतृत्व के लिए अपने उम्मीदवार की घोषणा करेंगे।

इस बीच, दुनिया की छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले डॉलर की मजबूती को दर्शाने वाला डॉलर इंडेक्स 0.45 प्रतिशत बढ़कर 96.57 पर कारोबार कर रहा था।

वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड वायदा कारोबार में 0.96 प्रतिशत गिरकर 70.03 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया, जिससे रुपये को कुछ हद तक समर्थन मिला।

घरेलू शेयर बाजारों में कमजोरी का रुख बना रहा। बीएसई सेंसेक्स 296.59 अंक या 0.36 प्रतिशत गिरकर 82,269.78 अंक पर बंद हुआ, जबकि एनएसई निफ्टी 98.25 अंक या 0.39 प्रतिशत गिरकर 25,320.65 अंक पर आ गया।

एक्सचेंज के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशक (एफआईआई) बाजार में शुद्ध बिकवाल रहे। उन्होंने बृहस्पतिवार को 393.97 करोड़ रुपये के शेयर बेचे।

इस बीच, संसद में बृहस्पतिवार को पेश की गई आर्थिक समीक्षा में कहा गया है कि रुपया अपनी क्षमता की तुलना में कमजोर प्रदर्शन कर रहा है। समीक्षा में यह भी कहा गया कि ऐसे समय में, जब महंगाई नियंत्रण में है और आर्थिक वृद्धि का परिदृश्य सकारात्मक बना हुआ है, भारत में निवेश को लेकर निवेशकों की हिचकिचाहट की समीक्षा किए जाने की आवश्यकता है।

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