नई दिल्ली/पटना। बिहार के मुख्यमंत्री और जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार ने शुक्रवार को राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ लेकर अपनी नई राजनीतिक पारी की शुरुआत कर दी। दोपहर 12:12 बजे उच्च सदन में आयोजित समारोह में उन्होंने सांसद पद की शपथ ली। इस मौके पर केंद्रीय मंत्री ललन सिंह, जदयू के कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा और बिहार के डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी भी मौजूद रहे।
नीतीश कुमार 16 मार्च को राज्यसभा के लिए निर्वाचित हुए थे और 30 मार्च को उन्होंने बिहार विधान परिषद की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था। अब माना जा रहा है कि अगले कुछ दिनों में वे मुख्यमंत्री पद से भी इस्तीफा दे सकते हैं।
दिल्ली में सक्रियता, शीर्ष नेताओं से मुलाकात
राज्यसभा में शपथ लेने के बाद नीतीश कुमार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात करेंगे। इस दौरान बिहार में नई एनडीए सरकार के गठन और मंत्रिमंडल के स्वरूप को लेकर चर्चा होने की संभावना है। किन नेताओं को दोबारा मौका मिलेगा और किन नए चेहरों को शामिल किया जाएगा, इस पर भी विचार-विमर्श होगा।
जल्द दे सकते हैं इस्तीफा
सूत्रों के अनुसार, दिल्ली दौरे से लौटने के बाद नीतीश कुमार पटना में जदयू नेताओं के साथ बैठक करेंगे। 13 अप्रैल को कैबिनेट की अंतिम बैठक हो सकती है, जिसके बाद एनडीए विधायक दल की बैठक में वे अपने इस्तीफे की घोषणा कर सकते हैं। इसके बाद वे राज्यपाल को औपचारिक रूप से त्यागपत्र सौंपेंगे।
तीन दशक का राजनीतिक अनुभव
नीतीश कुमार पिछले 30 वर्षों से सक्रिय राजनीति में हैं। केंद्र और बिहार दोनों स्तरों पर उन्होंने अहम भूमिकाएं निभाई हैं। 2005 से लेकर अब तक वे लंबे समय तक बिहार के मुख्यमंत्री रहे हैं। अब राज्यसभा के जरिए वे एक बार फिर राष्ट्रीय राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाने की ओर बढ़ रहे हैं।
