बजट वैश्विक मंच पर भारत की स्थिति को मजबूत करने की गति तेज करेगा: अमित शाह

नयी दिल्ली, 1 फरवरी: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि केंद्रीय बजट 2026–27 भारत को वैश्विक मंच पर पारंपरिक से लेकर नए दौर के विभिन्न क्षेत्रों में सबसे आकर्षक निवेश गंतव्य बनाने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ाएगा।

अमित शाह ने ‘एक्स’ पर पोस्ट में कहा, “विनिर्माण से लेकर बुनियादी ढांचे तक, स्वास्थ्य से लेकर पर्यटन तक, ग्रामीण क्षेत्रों से लेकर कृत्रिम बुद्धिमत्ता तक, खेल से लेकर तीर्थ स्थलों तक, विकसित भारत बजट ऐसा बजट है जो हर गांव, हर कस्बे और हर शहर के युवाओं, महिलाओं एवं किसानों के सपनों को सशक्त बनाता है।”

शाह ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को बधाई देते हुए कहा कि बजट ने राजकोषीय घाटे को 4.5 प्रतिशत से नीचे रखने का लक्ष्य सफलतापूर्वक पूरा किया है। उन्होंने यह भी कहा कि यह बजट 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य की प्राप्ति का रोडमैप प्रस्तुत करता है।

गृह मंत्री ने बताया कि ₹12.2 लाख करोड़ के पूंजीगत व्यय से प्रधानमंत्री के “भविष्य के लिए तैयार भारत” के दृष्टिकोण को गति मिली है, जिससे विकास केवल प्रमुख शहरों तक सीमित नहीं रहे, बल्कि देश के ‘टियर-2’ और ‘टियर-3’ शहरों तक फैला है। उन्होंने कहा कि बेहतर कनेक्टिविटी, नये रेल गलियारों और राष्ट्रीय जलमार्गों के माध्यम से रोजगार सृजन को बढ़ावा मिलेगा, जिससे भारत की आकांक्षाएं नई ऊँचाइयों तक पहुँचेंगी।

अमित शाह ने जोर देते हुए कहा, “वित्त वर्ष 2026–27 का यह बजट यह साबित करता है कि आत्मनिर्भर और विकसित भारत सिर्फ नारा नहीं, बल्कि सरकार का संकल्प है। यह बजट हर क्षेत्र, हर वर्ग और हर नागरिक को सशक्त बनाने का स्पष्ट खाका प्रस्तुत करता है।”

गृह मंत्री ने महात्मा गांधी के ग्राम स्वराज के सपने को साकार करने की दिशा में बजट में लिए गए ऐतिहासिक निर्णय का उल्लेख करते हुए कहा कि इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत होगी और बुनकरों, किसानों और हथकरघा उद्योग को नया समर्थन मिलेगा।

उन्होंने बताया कि तटीय क्षेत्रों में नारियल प्रोत्साहन योजना के माध्यम से 3 करोड़ किसानों को लाभ मिलेगा। इसके अलावा काजू और नारियल के उत्पादन और निर्यात को बढ़ावा देने तथा चंदन के संरक्षण की पहल किसानों की समृद्धि सुनिश्चित करेगी और कृषि को लाभदायक व्यवसाय बनाने में मदद करेगी।

अमित शाह ने कहा कि एमएसएमई क्षेत्र को बजट में विशेष महत्व दिया गया है। ₹10,000 करोड़ के विकास कोष और त्रिपक्षीय ढांचे के माध्यम से ‘टियर-2’ और ‘टियर-3’ शहरों में छोटे उद्यमों को संरचित पेशेवर सहायता प्रदान की जाएगी। यह कदम एमएसएमई को आर्थिक विकास का मजबूत आधार बनाने में सहायक होगा।

अमित शाह ने कहा, “यह बजट देश के हर क्षेत्र, हर नागरिक और हर उद्यमी को सशक्त बनाने के साथ-साथ भारत को वैश्विक मंच पर एक अग्रणी शक्ति बनाने की दिशा में निर्णायक कदम है।”

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